शेयर मंथन में खोजें

ऑटो शेयरों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बाजार में आयी गिरावट

मंगलवार को ऑटो शेयरों के शानदार प्रदर्शन के बावजूद बाजार में गिरावट दर्ज की गयी।

दोनों प्रमुख सूचकांकों के साथ ही छोटे-मँझोले शेयर सूचकांक कमजोरी के साथ बंद हुए। ऑटो शेयरों के अलावा आईटी और फार्मा शेयरों में खरीदारी हुई, जबकि धातु, सरकारी बैंकों, ऊर्जा, एफएमसीजी और इन्फ्रा में बिकवाली देखने को मिली। रुपये में कमजोरी से आईटी शेयरों में मजबूती आयी। एचडीएफसी बैंक और मारुति ने भी बाजार की गिरावट सीमित कर दिया।
बीएसई सेंसेक्स (BSE SENSEX) 37,402.49 अंकों के पिछले बंद स्तर की तुलना में आज सुबह बढ़ोतरी के साथ 37,441.75 पर खुला। सत्र के दौरान सेंसेक्स 37,219.90 के निचले स्तर तक गिरा और अंत में 74.48 अंकों या 0.20% की गिरावट के साथ 37,328.01 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई (NSE) का निफ्टी (Nifty) 11,053.90 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 11,063.90 पर खुल कर 36.90 अंक या 0.33% की गिरावट के साथ 11,017 पर बंद हुआ। आज निफ्टी का निचला स्तर 10,985.30 पर रहा।
निफ्टी के प्रमुख 50 शेयरों में से 20 शेयरों में मजबूती और 30 शेयरों में कमजोरी आयी। वहीं बीएसई के 31 प्रमुख शेयरों में 13 शेयरों में बढ़ोतरी और 18 शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी।
आज के कारोबार में सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में से मारुति सुजुकी में 3.75%, टाटा मोटर्स में 2.53%, इन्फोसिस में 1.94%, एचसीएल टेक में 1.87%, महिंद्रा ऐंड महिंद्रा में 1.56% और हीरो मोटोकॉर्प में 1.18% की बढ़त आयी। गिरने वाले शेयरों में से यस बैंक में 7.11%, इंडसइंड बैंक में 2.36%, आईटीसी में 2.01%, ऐक्सिस बैंक में 1.64%, आईसीआईसीआई बैंक में 1.48% और वेदांत में 1.35% की कमजोरी दर्ज की गयी।
आज बीएसई के कुल शेयरों में से 918 शेयरों में मजबूती के मुकाबले 1,524 शेयरों में कमजोरी आयी, जबकि 141 शेयर सपाट रहे।
प्रमुख सूचकांकों के साथ ही छोटे-मँझोले बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गयी। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.60% और बीएसई स्मॉलकैप (BSE SmallCap) में 0.62% की कमजोरी दर्ज की गयी। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) में 0.85% और निफ्टी स्मॉल 100 में (Nifty Small 100) में 0.62% की गिरावट देखने को मिली। (शेयर मंथन, 20 अगस्त 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख