शेयर मंथन में खोजें

बाजार में रही तेजी, 40,000 के ऊपर बंद हुआ सेंसेक्स

बुधवार को पीएसयू बैंक, आईटी, एफएमसीजी, इन्फ्रा और ऊर्जा शेयरों में मजबूती के सहारे दोनों प्रमुख सूचकांक बढ़ोतरी के साथ बंद हुए।

छोटे-मँझोले सूचकांकों में भी मजबूती आयी, जबकि ऑटो और धातु को छोड़ कर बाकी सभी सूचकांक हरे निशान में रहे।
जानकारों का मानना है कि निकट भविष्य में तिमाही नतीजों से बाजार को सहारा मिला। इसके बाद सरकार की ओर से की गयी घोषणाओं से बाजार को दिशा मिलेगी।
बीएसई सेंसेक्स (BSE SENSEX) 39,831.84 अंकों के पिछले बंद स्तर की तुलना में आज सुबह वृद्धि के साथ 40,055.63 पर खुला और कारोबार के दौरान 40,178.12 के ऊपरी स्तर तक चढ़ा। अंत में सेंसेक्स 220.03 अंकों या 0.55% की वृद्धि के साथ 40,051.87 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई (NSE) का निफ्टी (Nifty) 11,786.85 के पिछले बंद स्तर की तुलना में 11,883.90 पर खुल कर 57.25 अंकों या 0.49% की बढ़ोतरी के साथ 11,844.10 पर बंद हुआ। आज निफ्टी का ऊपरी स्तर 11,883.95 पर रहा।
निफ्टी के प्रमुख 50 शेयरों में से 28 शेयरों में मजबूती और 22 शेयरों में कमजोरी आयी। वहीं बीएसई के 31 प्रमुख शेयरों में से 19 शेयरों में बढ़ोतरी और 12 शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी।
आज के कारोबार में सेंसेक्स के दिग्गज शेयरों में से एसबीआई में 3.37%, टीसीएस में 2.63%, आईटीसी में 2.43%, भारती एयरटेल में 2.31%, सन फार्मा में 1.90% और इन्फोसिस में 1.51% की बढ़त आयी। गिरने वाले शेयरों में से यस बैंक में 2.41%, मारुति सुजुकी में 2.13%, इंडसइंड बैंक में 1.49%, आईसीआईसीआई बैंक में 1.36%, बजाज फाइनेंस में 1.32% और ओएनजीसी में 1.09% की कमजोरी दर्ज की गयी।
आज बीएसई के कुल शेयरों में से 1,384 शेयरों में मजबूती के मुकाबले 1,119 शेयरों में कमजोरी आयी, जबकि 169 शेयर सपाट रहे।
दूसरी तरफ छोटे-मँझोले सूचकांकों में भी मजबूती आयी। बीएसई मिडकैप (BSE Midcap) में 0.65% और बीएसई स्मॉलकैप (BSE SmallCap) में 0.36% की वृद्धि हुई। वहीं निफ्टी मिडकैप 100 (Nifty Midcap 100) में 0.64% और निफ्टी स्मॉल 100 (Nifty Small 100) में 0.35% की बढ़ोतरी हुई। (शेयर मंथन, 30 अक्टूबर 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख