शेयर मंथन में खोजें

तिमाही नतीजों की शुरुआत से पहले कंसोलिडेशन में रह सकता है बाजार : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च के प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक बुधवार (03 जनवरी) को कारोबारी सत्र के दौरान घरेलू सूचकांक में कमजोर वैश्‍व‍िक संकेतों के फलस्‍वरूप मुनाफावसूली जारी रही। दिसंबर माह में देश का पीएमआई मैनुफैक्‍चरिंग सूचकांक भी लुढ़क कर 18 महीने के निचले स्‍तर 54.9 पर रहा, आज की कमजोरी के लिए यह कारण भी जिम्‍मेदार रहा। 

निफ्टी में लगातार दूसरे दिन ग‍िरावट जारी रही और ये 140 अंकों के नुकसान के साथ 21526 के स्‍तर पर बंद हुआ। क्षेत्र वार मिलाजुला रुख देखने को मिला और रियल्‍टी, पीएसयू बैंक और फार्मा क्षेत्र में जहाँ खरीदारी रही। पीएनबी और बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र के चालू वित्‍त वर्ष की तीसरी तिमाही के प्रभाव‍ित करने वाले नतीजों के अनुमान से पीएसयू बैंक में 2% तक की उछाल आयी।

अमृत भारत ट्रेनों का उत्‍पादन बढ़ाने के सरकार के फैसले की घोषणा के बाद रेलवे स्‍टॉक में तेजी देखने को मिली है। वैश्विक स्‍तर पर अमेरिक उत्‍पादन आँकड़ों में संकुचन देखने के बाद निवेशक सतर्क नजर आये। इसके अतिरिक्‍त, आज एफओएमसी के मीटिंग मिनट्स और अमेर‍िकी रोजगार डाटा जारी होने के बाद न‍िवेशक हाशिये पर रहे। 

मोटेतौर पर हमारा अनुमान है क‍ि बाजार कंसोलिडेट करेगा और तिमाही नतीजे शुरू होने से पहले ठहरेगा, इसके फलस्‍वरूप स्‍टॉक आधारित गत‍िविधि देखने को मिलेगी।

(शेयर मंथन, 03 जनवरी 2024)

(आप भी किसी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख