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22000 के नीचे निफ्टी में बढ़ सकती है कमजोरी, अस्थिरता जारी रहने के आसार : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च के प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक गुरुवार (09 मई) को लोकसभा चुनाव के नतीजों से पहले की घबराहट को देखते हुए निफ्टी में पाँचवें दिन भी गिरावट जारी रही और ये 22000 के स्तर के नीचे बंद हुआ। सूचकांक 345 अंक (1.6%) के नुकसान के साथ 21958 के स्तर पर बंद हुआ। 

Gift Nifty सपाट, भारतीय बाजार में सतर्क कारोबार के आसार

भारतीय शेयर बाजार में साप्ताहिक निप्टान के दिन गुरुवार (09 मई) को सतर्क कारोबार देखने को मिल सकता है। गिफ्ट निफ्टी में सुबह 8.10 बजे के आसपास 4.00 अंकों की नरमी नजर आ रही है और यह 0.02% के नुकसान के साथ 22,378.50 के स्तर के आसपास मंडरा रहा है।

निफ्टी में अहम स्तरों के नीचे बढ़ेगी बिकवाली, 47700 बैंक निफ्टी में तय करेगा ट्रेंड : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक बुधवार (08 मई) को बेंचमार्क सूचकांक में अस्थिर कारोबारी सत्र के बीच निफ्टी 22302 पर सपाट और सेंसेक्स 73466 के स्तर पर बंद हुए।

बड़े दायरे में कंसोलिडेट करेगा बाजार, विदेशी निवेशकों की बिकवाली से निवेशक चिंतित : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च के प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक बुधवार (08 मई) को निचले स्तर से सुधर कर निफ्टी 22303 के स्तर पर सपाट बंद हुआ।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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