शेयर मंथन में खोजें

सावधान रहें, पर रुझान के साथ चलें : निखिल कामत (Nikhil Kamath)

अभी सबसे अच्छा यही है कि बाजार के रुझान के साथ चला जाये। इसका मतलब यह है कि सूचकांक के लिहाज से खरीदारी की ओर रहा जाये।

लेकिन कुल मिला कर बाजार की चाल के प्रति हम सावधान हैं। नयी सरकार के आने के बाद सुधारों की उम्मीद बाजार के लिए मुख्य सकारात्मक पहलू है।

लेकिन इसी बात की चिंता भी है कि क्या नयी सरकार वास्तव में वह सब कर पायेगी, जिसकी उससे उम्मीद की जा रही है। निखिल कामत, निदेशक, जेरोधा (Nikhil Kamath, Director, Zerodha)

(शेयर मंथन, 07 जुलाई 2014)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख