शेयर मंथन में खोजें

शेयरों पर नजर (Stocks to Watch) : डॉ रेड्डीज, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, पीसी ज्वेलर और बैंक ऑफ बड़ौदा

खबरों के कारण जो शेयर आज नजर में रहेंगे उनमें डॉ रेड्डीज, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, पीसी ज्वेलर और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं।

तिमाही नतीजे आज - बैंक ऑफ इंडिया, एनटीपीसी, एनएमडीसी, ऑयल इंडिया, असम कंपनी, बीएजी फिल्म्स, कॉक्स ऐंड किंग्स, ग्रेविटा इंडिया, एचबीएल पावर, हैथवे केबल, क्वालिटी, आरसीएफ, एसजेवीएन और यूफ्लेक्स
डॉ रेड्डीज - डॉ रेड्डीज की अमेरिका में स्थित सहायक कंपनी प्रोमियस फार्मा ने तीन कंपनियों के खिलाफ पेटेंट उल्लंघन के संबंध में मुकदमा दायर किया है।
डीबी कॉर्प - कंपनी ने 312.80 करोड़ रुपये के शेयरों की वापस खरीद को मंजूरी दी।
पुंज लॉयड - कंपनी का बोर्ड 30 मई को बकाया ऋण के पुनर्गठन पर विचार करेगा।
आईडीबीआई बैंक - बोर्ड ने आईडीबीआई एएमसी में हिस्सेदारी बिकवाली शुरू की।
टेक महिंद्रा - कंपनी ने चौथी तिमाही में जानकारों की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 1,222 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।
सन फार्मा - कंपनी ने चौथी तिमाही में 7% अधिक 1,309 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया।
लक्ष्मी विलास बैंक - बैंक को 52.2 करोड़ रुपये के मुनाफे के मुकाबले इस बार जनवरी-मार्च तिमाही में 622.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
बैंक ऑफ बड़ौदा - बैड लोन के लिए प्रोविजन से बैंक को 3,102 करोड़ रुपये का घाटा हुआ।
एमईपी इन्फ्रा - कंपनी को एनएचएआई से 85 करोड़ रुपये का ठेका मिला।
डिविस लैब - दवा कंपनी का मुनाफा 0.89% की बढ़त के साथ 261 करोड़ रुपये रहा।
पीसी ज्वेलर - जनवरी-मार्च तिमाही में पीसी ज्वेलर का मुनाफा 118.3 करोड़ रुपये और आमदनी 2,103.2 करोड़ रुपये रही।
नाल्को - नाल्को का चौथी तिमाही में मुनाफा 4% घट कर 257 करोड़ रुपये रह गया। (शेयर मंथन, 28 मई 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख