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डिजिटल राह पर एलआईसी के कदम, 2 नये ऐप पेश

सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने डिजिटल बदलाव को तेज किया है। इसके तहत एलआईसी ने दो नये मोबाइल ऐप पेश किये हैं। इनमें पहला ऐप मायएलआईसी (MyLIC) है, जिसे ग्राहकों के लिए बनाया गया है। वहीं दूसरा ऐप सुपर सेल्स साथी (Super Sales Saathi) एजेंटो के लिए है। इनका उद्देश्य ग्राहकों और एजेंटों दोनों के लिए बीमा सेवाओं को आसान, तेज और पूरी तरह डिजिटल बनाना है।

मायएलआईसी ऐप खास तौर पर पॉलिसीधारकों के लिए बनाया गया है। इसके जरिए ग्राहक अपनी सभी बीमा पॉलिसियों को एक ही जगह देख और सँभाल सकते हैं। प्रीमियम का भुगतान तुरंत किया जा सकता है, पॉलिसी के लाभ की जानकारी वास्तविक समय में मिलती है और जरूरत पड़ने पर बिना कागज के बीमा ऋण भी लिया जा सकता है। इसके अलावा ग्राहक अपनी पॉलिसी को अपडेट कर सकते हैं, बंद हो चुकी पॉलिसी को दोबारा चालू कर सकते हैं और नयी पॉलिसी भी सीधे ऐप से खरीद सकते हैं। पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए डिजिटल केवाईसी की सुविधा भी दी गयी है।

वहीं, सुपर सेल्स साथी ऐप एलआईसी के एजेंटों और विपणन से जुड़े लोगों के लिए तैयार किया गया है। इसमें डिजिटल बिक्री के लिए जरूरी टूल, पॉलिसी की स्थिति की वास्तविक समय में जानकारी, ग्राहकों से संपर्क बनाये रखने के लिए रिमाइंडर और एआई आधारित सुझाव जैसी सुविधाएँ शामिल हैं। इसके जरिए एजेंट अपने काम को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकते हैं और अपने प्रदर्शन पर नजर रख सकते हैं।

ये दोनों ऐप एलआईसी के डाइव प्लेटफॉर्म पर आधारित हैं, जो कंपनी के डिजिटल बदलाव का अहम हिस्सा है। इसका मकसद एक ऐसी प्रणाली तैयार करना है, जहाँ ग्राहक, एजेंट और कर्मचारी सभी को एकीकृत और सुरक्षित डिजिटल अनुभव मिल सके। इससे दफ्तर पर निर्भरता कम होगी और कामकाज ज्यादा तेज एवं प्रभावी होगा।

इस मौके पर वित्तीय सेवा विभाग के सचिव एम. नागराजू ने कहा कि एलआईसी की डिजिटल प्रणाली अब सिर्फ सेवाएँ देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक मजबूत मंच बन रही है, जो बड़े स्तर पर ग्राहकों तक पहुँच और सेवा की गुणवत्ता को बेहतर बनायेगी। वहीं एलआईसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं प्रबंध निदेशक आर. दोरईस्वामी ने कहा कि ये मोबाइल ऐप अब केवल सहायक साधन नहीं हैं, बल्कि ये ग्राहक अनुभव और एजेंटों के काम करने के तरीके को बदलने वाले महत्वपूर्ण उपकरण बन चुके हैं, जो आगे चल कर कंपनी की वृद्धि और कार्यकुशलता को प्रभावित करेंगे। (शेयर मंथन, 15 अप्रैल 2026)

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