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पीआई इंडस्ट्रीज में गिरावट जारी, 2,300 रुपये के स्तर पर बनेगा अगला बेस?

पीआई इंडस्ट्रीज के शेयर में हालिया गिरावट ने लंबे समय के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

पुष्कर वर्मा 5-6 साल के नजरिए से इस शेयर में निवेश करना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि मौजूदा भाव पर एंट्री लेना सही रहेगा या अभी और इंतजार करना चाहिए। शेयर की मौजूदा स्थिति को देखते हुए सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि क्या यह सिर्फ सामान्य करेक्शन है या फिर शेयर में बड़ा ट्रेंड बदलाव देखने को मिल रहा है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि चार्ट पर शेयर ने अपने पहले के महत्वपूर्ण रिट्रेसमेंट स्तरों को तोड़ दिया है। इसका अर्थ है कि फिलहाल तेजी का पुराना ट्रेंड कमजोर हो चुका है। कोविड के निचले स्तर से शेयर में जो बड़ी रैली आई थी, उसका काफी हिस्सा अब वापस जा चुका है। इस वजह से अब निवेशकों की नजर उस क्षेत्र पर है जहां शेयर को दोबारा मजबूत सपोर्ट मिल सकता है। मौजूदा तकनीकी विश्लेषण के अनुसार करीब 2,300 रुपये का स्तर इस लिहाज से महत्वपूर्ण बन जाता है।

2,300 रुपये का स्तर टूटने से पहले शेयर के आसपास 2,400 रुपये के स्तर पर भी कारोबार हो सकता है और 100-200 रुपये का ऊपर-नीचे होना अपने आप में बहुत बड़ी बात नहीं होगी। असली सवाल यह है कि क्या शेयर ₹2,300 के आसपास टिककर अपना नया बेस बना पाता है। अगर यहां खरीदारी आती है और शेयर कुछ समय तक इस स्तर के ऊपर स्थिर रहता है, तो उसके बाद रिवर्सल की संभावना को नए सिरे से देखा जा सकता है।

शेयर में लगातार गिरावट के कारण ओवरसोल्ड स्थिति भी बन रही है। इसलिए बीच में अचानक तेजी या शॉर्ट-कवरिंग संभव है। अगर शॉर्ट-कवरिंग आती है तो शेयर करीब 2,700 रुपये तक रिकवर कर सकता है। लेकिन निवेशकों को इस तेजी को तुरंत ट्रेंड रिवर्सल नहीं मानना चाहिए। गिरावट के बाद आने वाली पहली तेजी कई बार सिर्फ अस्थायी राहत होती है।

वास्तविक ट्रेंड रिवर्सल के लिए शेयर को काफी मजबूत स्तरों को पार करना होगा। तकनीकी नजरिए से करीब ₹3,200 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा सकता है। अगर शेयर भविष्य में इस स्तर को मजबूती से पार करता है और वहां टिकता है, तभी यह माना जा सकता है कि गिरावट का ट्रेंड कमजोर होकर तेजी की दिशा में बदल रहा है। उससे पहले शेयर में आने वाली तेजी को सावधानी के साथ देखना बेहतर होगा।

निवेशकों को यह भी ध्यान रखना चाहिए कि हालिया गिरावट के पीछे कंपनी के नतीजों की प्रतिक्रिया भी एक महत्वपूर्ण कारण हो सकती है। इसलिए सिर्फ तकनीकी स्तरों पर निर्भर रहने के बजाय कंपनी के अगले तिमाही नतीजों और मैनेजमेंट की कमेंट्री पर भी नजर रखनी होगी। अगर बिजनेस में सुधार और ग्रोथ के संकेत दिखाई देते हैं, तो शेयर की मौजूदा वैल्यूएशन पर निवेश की संभावना ज्यादा आकर्षक हो सकती है।

इस समय सबसे महत्वपूर्ण रणनीति जल्दबाजी से बचने की है। 2,300 रुपये के आसपास शेयर का व्यवहार यह तय करने में मदद कर सकता है कि आगे का रास्ता क्या होगा। सपोर्ट पर टिकने की स्थिति में निवेशक फिर से कंपनी और चार्ट का मूल्यांकन कर सकते हैं, जबकि सपोर्ट टूटने पर और कमजोरी की संभावना को ध्यान में रखना होगा।

इसलिए पीआई इंडस्ट्रीज में 5-6 साल के निवेश का नजरिया रखने वाले निवेशकों के लिए मौजूदा स्तर सीधे खरीदारी का स्पष्ट संकेत नहीं देता। पहले गिरावट के खत्म होने और 2,300 रुपये के आसपास बेस बनने का इंतजार करना ज्यादा समझदारी हो सकती है। अगर इसके बाद कंपनी के फंडामेंटल्स सुधरते हैं और शेयर धीरे-धीरे 2,700 रुपये और आगे 3,200 रुपये जैसे महत्वपूर्ण स्तरों को पार करता है, तो लंबी अवधि के निवेश का मामला मजबूत हो सकता है।


(शेयर मंथन, 20 अगस्त 2026)

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