शेयर मंथन में खोजें

बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड के नये सीईओ बने मोहित भाटिया

बैंक ऑफ इंडिया म्यूचुअल फंड ने मोहित भाटिया को नया मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया है। इनकी नियुक्ति मंगलवार, 4 अक्तूबर से प्रभावी है। इससे पहले वे केनरा रोबेको एसेट मैनेजमेंट कंपनी के साथ बतौर बिक्री और विपणन प्रमुख (सेल्स-मार्केटिंग हेड) जुड़े थे।

उनके कार्यकाल के दौरान फंड हाउस की प्रबंधन अधीन सम्पत्ति (एयूएम) 50,000 करोड़ रुपये तक पहुँच गयी थी। केनरा रोबेको में आने से पहले वे फ्रैंकलिन टेम्पलटन एएमसी में खुदरा सलाहकार सेवाओं के प्रमुख रहे थे। इससे पहले वे ऐक्सिस बैंक में वे जोनल हेड वेल्थ – उत्तर भारत रहे। डीएसपी मेरिल लिंच इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स में उन्होंने प्रमुख, उत्तर भारत और बाद में समूचे भारत के बैंकिंग चैनल प्रमुख का भी कार्यभार संभाला। उनके 26 साल लंबे कार्यकाल में वे एलायंस कैपिटल एएमसी में भी रहे।
मोहित भाटिया मैकेनिकल इंजीनियरिंग से स्नातक और गुरुग्राम के मैनेजमेंट डेवलपमेंट इंस्टीट्यूट से एमबीए हैं। बैंक ऑफ इंडिया इन्वेस्टमेंट मैनेजर्स प्राइवेट कंपनी का जुलाई से सितंबर तिमाही के बीच औसत एयूएम 3054.36 करोड़ रुपये रहा है। यह बैंक ऑफ इंडिया की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी है।
(शेयर मंथन, 06 अक्तूबर 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख