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वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में SBI का मुनाफा 8% बढ़ा

सरकारी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) ने चालू वित्त वर्ष 23-24 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। स्टैंडअलोन आधार पर बैंक के मुनाफे में 8% की वृद्धि हुई है। बैंक का मुनाफा 13,265 करोड़ रुपये से बढ़कर 14,330 करोड़ रुपये हो गया है।

वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में REC का मुनाफा 38% बढ़ा

सरकारी पावर फाइनेंस कंपनी आरईसी (REC) यानी रूरल इलेक्ट्रिसिटी इलेक्ट्रिफिकेशन कॉर्पोरेशन ने वित्तवर्ष 2024 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंसोलिडेटेड आधार पर कंपनी के मुनाफे में 38.71% की बढ़ोतरी हुई है।

वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही में Britannia Industries का मुनाफा 20% बढ़ा

एफएमसीजी क्षेत्र की दिग्गज कंपनी ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज (Britannia Industries Ltd) ने गुरुवार (02 नवंबर) को वित्त वर्ष 23-24 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इसमें बताया गया है कि कंपनी के कंसोलिडेटेड मुनाफे में 20% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का मुनाफा 491 करोड़ रुपये से बढ़कर 587 करोड़ रुपये हो गया है और कंपनी की आय में 1% की मामूली बढ़त देखने को मिली है।

वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में सन फार्मा का मुनाफा बढ़कर 2376 करोड़ रुपये हुआ

फार्मा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी सन फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्रीज (Sun Pharmaceutical Industries Ltd) ने बुधवार (01 नवंबर) को चालू वित्त वर्ष 24 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। इस अवधि में कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 2262 करोड़ रुपये से बढ़कर 2376 करोड़ रुपये का हो गया है।

वित्त वर्ष 2024 की दूसरी तिमाही में मुनाफे से घाटे में आयी एग्रो केमिकल कंपनी UPL

एग्रो केमिकल कंपनी यूपीएल यानी यूपीएल (UPL) ने मंगलवार (31 अक्तूबर) को वित्त वर्ष 23-24 की दूसरी तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। दूसरी तिमाही में कंपनी मुनाफे से घाटे में आ गई है। कंपनी ने 814 करोड़ रुपये मुनाफे के मुकाबले 184 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड घाटा दर्ज किया है।

IBC के तहत 42000 केस का किया गया समाधान, समयबद्ध समाधान से मिला बेहतर मूल्य

एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ऐंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (ASSOCHAM) की ओर से मंगलवार (31 अक्तूबर) को नई दिल्ली में ‘चार्टिंग ए सस्टेनेबल पाथ’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें भारतीय दिवाला और दिवालियापन बोर्ड (Insolvency and Bankruptcy Board of India) की शोध और नियामक इकाई के पूर्णकालिक सदस्य सुधाकर शुकला ने बताया कि दिवाला और दिवालियापन संहिता (Insolvency and Bankruptcy Code) के तहत लाये गये 42000 कसों का समाधान किया गया। इसके परिणामस्वरूप महत्वूर्ण मूल्य की प्राप्ति संभव हुई।

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