एरिस लाइफसाइंस ने 650 करोड़ रुपए में किया ओकनेट हेल्थकेयर का अधिग्रहण
एरिस लाइफसाइंस ने ओकनेट हेल्थकेयर का अधिग्रहण 650 करोड़ रुपए में किया है। आपको बता दें कि ओकनेट हेल्थकेयर मुंबई की एक कंपनी है जिसका फोकस त्वचा से जुड़ी घरेलू फॉर्मूलेशंस पर है।
एरिस लाइफसाइंस ने ओकनेट हेल्थकेयर का अधिग्रहण 650 करोड़ रुपए में किया है। आपको बता दें कि ओकनेट हेल्थकेयर मुंबई की एक कंपनी है जिसका फोकस त्वचा से जुड़ी घरेलू फॉर्मूलेशंस पर है।
अदाणी विल्मर ने कई ब्रांडों के अधिग्रहण का ऐलान किया है। इस अधिग्रहण में मशहूर ब्रांड कोहिनूर ब्रांड भी शामिल है। कंपनी ने यह अधिग्रहण मैककॉर्मिक स्विटजरलैंड जीएमबीएच से किया है। कंपनी ने यह अधिग्रहण अपने फूड कारोबार को मजबूत करने के मकसद किया है। हालाँकि कंपनी ने सौदे से जुड़े ज्यादा विवरणों को साझा नहीं किया है।
कंपनी ने यह करार चिन्हित स्टेम (STEM) के क्षेत्र में मदद करने के लिए किया है।यहां पर स्टेम यानि साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित के क्षेत्र में सहयोग के लिए किया है। आईटीसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि यह समझौता पत्र सतत विकास लक्ष्य को हासिल करने की गति को बढ़ाने के मकसद से किया गया है।
अरविंदो फार्मा को अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यानी यूएसएफडीए (USFDA) से कैंसर की जेनरिक दवा को मंजूरी मिली है। कंपनी को यूएसएफडीए से यह मंजूरी बोर्टेजोमिब (Bortezomib) दवा के लिए मिली है। कंपनी को दवा के लिए अंतिम मंजूरी उसकी सब्सिडियरी यूगिया फार्मा स्पेश्यालिटिज को मिली है। कंपनी को यह मंजूरी दवा के उत्पादन और बिक्री के लिए मिली है। बोर्टेजोमिब दवा का जेनरिक संस्करण कुछ खास तरह के कैंसर के इलाज में इंजेक्शन के लिए किया जाता है।
जायडस लाइफसाइंस को अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यानी यूएसएफडीए (USFDA) से कैंसर की जेनरिक दवा को अंतिम मंजूरी मिली है। कंपनी को यूएसएफडीए से यह मंजूरी बोर्टेजोमिब (Bortezomib) दवा के लिए मिली है।
वैश्विक बाजारों से कमजोर संकेतों के कारण बाजार की कमजोर शुरुआत हुई। हालाकि कारोबारी सत्र के आखिरी घंटों में बाजार में निचले स्तर से शानदार रिकवरी देखी गई।