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भूसंपदा

माँग में सुधार के चलते मिल सकता है जीरे की कीमतों को समर्थन : रेलिगेयर

जीरे की घरेलू माँग के साथ-साथ निर्यात माँग में सुधार होनें के कारण सोमवार को जीरे में अच्छी-खासी तेजी देखने को मिली।

सार्वजनिक बैंकों के शेयरों में भारी तेजी

शुक्रवार को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) बंद होने के बाद सार्वजनिक क्षेत्रों के बैंक के कायाकल्प के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा इंद्रधनुष कार्यक्रम पेश किये जाने का बैंकिंग क्षेत्र के शेयरों पर खासा अच्छा असर पड़ा है।

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) का मुनाफा 12% बढ़ा, शेयर में उछाल

आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) ने चालू वित्तीय वर्ष के पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिये हैं।

संसद सत्र से नामउम्मीदी के चलते शेयर बाजार में गिरावट

हफ्ते के दूसरे दिन आज भी भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुआ। दरअसल संसद का मानसून सत्र कारोबारियों में कोई उम्मीद जताने में विफल रहा।

मंगलवार के लिए राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) के चुनिंदा शेयर

rajesh agarwalईस्टर्न फाइनेंशियर्स (Eastern Financiers) के रिसर्च प्रमुख राजेश अग्रवाल (Rajesh Agarwal) ने मंगलवार के एकदिनी कारोबार के लिए टीवी18 ब्रॉडकास्ट (TV18 Broadcast), गति (Gati), हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zink), एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस (Lic Housing Finance) और इंटेलेक्ट डिजाइन (Intellect Design) में खरीदारी की सलाह दी है।

हैवल्स (Havells) और बजाज कॉर्प (Bajaj Corp) खरीदें : आनंद राठी

anand rathiआनंदराठी शेयर ऐंड स्टॉक ब्रोकर्स ने सोमवार के एकदिनी कारोबार (Intraday Trade) के लिए हैवल्स (Havells) और बजाज कोर्प (Bajaj Corp) में खरीदारी करने की सलाह दी है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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