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क्या मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में अभी भी करेक्शन का खतरा बाकी है?

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में हालिया तेजी के बावजूद बाजार में सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि मिडकैप इंडेक्स को पहले 61,000 के ऊपर मजबूती से टिकना होगा, तभी इसमें भरोसेमंद तेजी मानी जाएगी। अभी जो पैटर्न बन रहा है, उसमें दोबारा करेक्शन की संभावना बनी हुई है। हालांकि यह करेक्शन 58,000-59,000 के आसपास रुक सकता है, लेकिन फिलहाल बाजार में “पुलबैक” का खतरा बना हुआ है। इसी तरह स्मॉलकैप इंडेक्स भी एक मजबूत रेजिस्टेंस के पास चल रहा है और 18,000 के स्तर पर संघर्ष करता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का साफ कहना है कि “अगर बाजार नीचे आए तभी काम करिए, नहीं तो आराम करिए।”

विश्लेषकों के अनुसार मिडकैप और स्मॉलकैप में जो तेज रिकवरी दिखाई दी है, उसे पूरी तरह मजबूत और स्थायी तेजी नहीं माना जा सकता। उनका कहना है कि सिर्फ एक महीने पहले और आज के बीच कंपनियों के फंडामेंटल में इतना बड़ा बदलाव नहीं आया है कि इतनी आक्रामक तेजी को पूरी तरह जायज ठहराया जा सके। कुछ चुनिंदा सेक्टरों को छोड़ दें तो व्यापक स्तर पर बिजनेस परिस्थितियों में बहुत बड़ा सुधार नहीं हुआ है। इसलिए मौजूदा तेजी को ज्यादा भावनात्मक और तकनीकी माना जा रहा है।

उनके मुताबिक हालिया गिरावट के दौरान मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों के साथ “ज्यादती” हुई थी। बाजार गिरने पर मार्जिन पोजीशन कटने लगीं, निवेशकों को अतिरिक्त मार्जिन लाना पड़ा और मजबूरी में कई शेयरों में भारी बिकवाली हुई। इसी दबाव के कारण अच्छी कंपनियों के शेयर भी जरूरत से ज्यादा टूट गए। अब जब बाजार में घबराहट कम हुई है और शेयर हल्के वैल्यूएशन पर पहुंच गए, तो उनमें तेज वापसी देखने को मिली। विशेषज्ञों का कहना है कि यह तेजी काफी हद तक उसी ओवरसोल्ड स्थिति का रिएक्शन है।

हालांकि उन्होंने निवेशकों को चेताया कि तेजी से भागते हुए बाजार में बिना सोच-समझे प्रवेश करना नुकसानदायक हो सकता है। उनका कहना है कि अगर निवेशक इस तेजी में जल्दबाजी करेंगे, तो वही शेयर आगे चलकर उनसे “बदला” ले सकते हैं। इसलिए बेहतर रणनीति यही होगी कि निवेशक करेक्शन का इंतजार करें और गिरावट आने पर धीरे-धीरे अच्छी क्वालिटी वाले शेयरों में निवेश करें। खास तौर पर मजबूत बैलेंस शीट, स्थिर बिजनेस और लंबे समय की ग्रोथ क्षमता वाली कंपनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई।

लंबी अवधि में मिडकैप और स्मॉलकैप से अच्छा रिटर्न अभी भी मिल सकता है। उनका विश्वास है कि आने वाले वर्षों में बाजार नए हाई बना सकता है और निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलेगा। हालांकि FY24 जैसी विस्फोटक तेजी दोबारा शायद FY28 के आसपास देखने को मिले। यानी बड़ा पैसा कमाने के लिए निवेशकों को धैर्य रखना होगा और बीच-बीच में डरकर बाजार छोड़ने की आदत से बचना होगा।

उन्होंने एसआईपी रणनीति को सबसे बेहतर तरीका बताया। उनका कहना है कि अगर निवेशक हर गिरावट में धीरे-धीरे निवेश जारी रखें और अच्छे सेक्टरों के उच्च गुणवत्ता वाले शेयर चुनें, तो लंबी अवधि में मजबूत संपत्ति बनाई जा सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह बताई गई कि बाजार में बने रहना जरूरी है, क्योंकि बार-बार डरकर बाहर निकलने वाले निवेशक ही सबसे ज्यादा नुकसान उठाते हैं।

 



(शेयर मंथन, 28 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

 

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