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बजाज हाउसिंग फाइनेंस शेयरों में किस स्तर पर बनेगा सुरक्षित निवेश का मौका?

शिव कुमार भारद्वाज जानना चाहते हैं कि उन्हें बजाज हाउसिंग फाइनेंस (Bajaj Housing Finance) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि इसमें निवेश करते समय जल्दबाजी से बचना चाहिए। चर्चा के दौरान यह बात सामने आई कि कई निवेशक सिर्फ कंपनी का नाम पूछ लेते हैं, जबकि असली जरूरत अपनी निवेश समस्या या उद्देश्य को स्पष्ट करने की होती है। विशेषज्ञों ने कहा कि किसी भी शेयर पर सही राय तभी दी जा सकती है जब निवेशक यह बताए कि वह ट्रेडिंग करना चाहता है, लंबी अवधि का निवेश चाहता है या किसी नुकसान में फंसा हुआ है।

बजाज हाउसिंग फाइनेंस के वैल्यूएशन पर बात करते हुए शोमेश कुमार ने कहा कि वे किसी भी हाउसिंग फाइनेंस कंपनी या एनबीएफसी में निवेश के लिए “प्राइस टू बुक” यानी पी/बी वैल्यू को सबसे अहम मानते हैं। उनके मुताबिक इस सेक्टर में 2.5 से 3 गुना प्राइस टू बुक तक का वैल्यूएशन उचित माना जा सकता है। इसी आधार पर उन्होंने पहले भी इस शेयर के लिए लगभग 75 रुपये या उससे नीचे के स्तर को अपेक्षाकृत सुरक्षित क्षेत्र बताया था।

विश्लेषकों ने समझाया कि अगर किसी कंपनी की बुक वैल्यू लगातार बढ़ती रहती है, तो समय के साथ उसका प्राइस टू बुक रेशियो अपने आप बेहतर होता जाता है, भले ही शेयर का भाव ज्यादा न बढ़े। यही कारण है कि वे ऐसे शेयरों में तभी ज्यादा सहज महसूस करते हैं जब वैल्यूएशन थोड़ा नियंत्रित हो जाए। उनके अनुसार 92 रुपये के आसपास शेयर अभी भी लगभग 3 गुना प्राइस टू बुक पर ट्रेड करता दिखाई देता है, इसलिए यहां आक्रामक खरीदारी में जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए।

हालांकि उन्होंने यह भी माना कि शेयर अब उन स्तरों के करीब पहुंच चुका है जिन्हें वे अपेक्षाकृत सुरक्षित मानते हैं। यानी 75 रुपये या उससे नीचे का क्षेत्र लंबी अवधि के निवेशकों के लिए बेहतर रिस्क-रिवार्ड वाला ज़ोन हो सकता है। ऐसे में अगर कोई निवेशक कंपनी में विश्वास रखता है और लंबी अवधि का नजरिया रखता है, तो वह धीरे-धीरे छोटे हिस्सों में निवेश यानी “एक्यूमुलेट” करने की रणनीति अपना सकता है।

शोमेश कुमार पूरी तरह कमजोर कंपनी नहीं है, लेकिन मौजूदा स्तरों पर इसे बहुत सस्ता भी नहीं कहा जा सकता। इसलिए निवेशकों को भावनाओं में बहकर नहीं, बल्कि वैल्यूएशन और जोखिम को ध्यान में रखते हुए फैसला लेना चाहिए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह बताई गई कि किसी भी निवेश निर्णय से पहले अपने लक्ष्य, समय अवधि और जोखिम क्षमता को साफ तौर पर समझना जरूरी है।

 



(शेयर मंथन, 29 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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