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अपोलो हॉस्पिटल्स शेयर को 60 PE और इंद्रप्रस्थ मेडिकल को सिर्फ 20 PE क्यों?

कई निवेशकों के मन में यह सवाल आता है कि जब इंद्रप्रस्थ मेडिकल और अपोलो समूह का संबंध है, तो दोनों कंपनियों के वैल्यूएशन में इतना बड़ा अंतर क्यों है।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि जहाँ अपोलो हॉस्पिटल्स को बाजार लगभग 60 पीई का वैल्यूएशन देता है, वहीं इंद्रप्रस्थ मेडिकल करीब 20 पीई पर कारोबार करता है। इसका सबसे बड़ा कारण कंपनी की शेयरहोल्डिंग संरचना और सरकारी भागीदारी है। जैसे ही किसी व्यवसाय में सरकार की हिस्सेदारी या प्रभाव बढ़ता है, बाजार उसके लिए प्रीमियम वैल्यूएशन देने से बचता है। इसकी वजह यह है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया अपेक्षाकृत धीमी हो सकती है, विस्तार योजनाओं में अधिक मंजूरियां लग सकती हैं और पूंजी आवंटन में भी कुछ सीमाएं हो सकती हैं। निवेशक आमतौर पर उन कंपनियों को अधिक वैल्यूएशन देते हैं जिनके पास तेज और स्वतंत्र निर्णय लेने की क्षमता होती है।

हालांकि सरकारी भागीदारी के कुछ फायदे भी हैं। कठिन परिस्थितियों में स्थिरता मिल सकती है और नियामकीय जोखिम कुछ हद तक कम हो सकते हैं। लेकिन बाजार आमतौर पर तेजी से बढ़ने वाली और पूरी तरह निजी प्रबंधन वाली कंपनियों को अधिक महत्व देता है। यही कारण है कि इंद्रप्रस्थ Medical की गुणवत्ता अच्छी होने के बावजूद उसका वैल्यूएशन अपोलो हॉस्पिटल्स की तुलना में काफी कम बना हुआ है।

(शेयर मंथन, 11 जून 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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