जहाँ लार्जकैप शेयरों में ग्रोथ सीमित नजर आ रही है, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियां निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रही हैं।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि कई कंपनियों में मजबूत मुनाफा वृद्धि और बेहतर कारोबारी प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। यही वजह है कि विदेशी निवेशक भी धीरे-धीरे इस वर्ग की कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा रहे हैं। हालांकि तेजी के बाद कुछ करेक्शन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि अगले कुछ वर्षों में सबसे अधिक अवसर इसी सेगमेंट में मिल सकते हैं। निवेशकों को जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए और लंबी अवधि का नजरिया अपनाना चाहिए।
(शेयर मंथन, 12 जून 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)