शेयर मंथन में खोजें

लार्सन ऐंड टुर्बो (Larsen & Toubro) को मिला 1,458 करोड़ रुपये का ठेका, शेयर में कमजोरी

लार्सन ऐंड टुर्बो को 1458 करोड़ रुपये का ठेका मिला है।

कंपनी सहायक कंपनी एल ऐंड टी कंस्ट्रक्शन को विभिन्न व्यापर खंडों में ठेका मिला है। कंपनी के पावर ट्रांमिशन और वितरण कारोबार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में 658 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कंपनी को नेशनल ग्रिड साउदी अरेबिया से 132 केवी डबल सर्किट ट्रांसमिशन लाइन और सइदी अरेबिया के कुछ इलाकों में रफाह, अरार और सकाका 132 केवी केबलिंग के निर्माण के लिए 654 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। घरेलू बाजार में कंपनी को आईपीडीएस के तहत कानुपर विद्युत आपूर्ति निगम से ठेका मिला है। कंपनी को पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन से वडोदरा, नवसारी, पुणे और ग्वालियर में गैस अछूता सबस्टेशन के निर्माण के लिए ऑर्डर मिला है। इसके साथ ही कारोबार के चालू परियोजना में भी कंपनी को ठेका मिला है। कंपनी के बिल्डिंग और फैक्ट्री कारोबार को घरेलू बाजार में 518 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। स्मार्ट वर्ल्ड और कम्यूनिकेशन कारोबार को बिहार स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन से सरकारी विश्वविद्यालयों में वाई-फाइ परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 200 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। कंपनी के अन्य कारोबार को 86 करोड़ रुपये का ठेका मिला है। बीएसई में आज शुक्रवार को लार्सन ऐंड टुर्बो के शेयर हल्की बढ़त के साथ 1509.45 रुपये पर खुले। दिन बढ़ने के साथ ही कंपनी के शेयर में गिरावट दिखी जा रही है। पूर्वाह्न करीब 11.16 बजे कंपनी के शेयर 6.15 रुपये 0.41% की कमजोरी के साथ 1501.85 रुपये पर चल रहा है। (शेयर मंथन, 02 सितंबर 2016)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख