शेयर मंथन में खोजें

मुनाफे में 30% बढ़त के बावजूद 8% से अधिक टूटा माइंडट्री (Mindtree) का शेयर

पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के मुकाबले चालू कारोबारी साल की समान अवधि में माइंडट्री (Mindtree) के मुनाफे में 30% वृद्धि दर्ज की गयी।

कंपनी ने 121.7 करोड़ रुपये की तुलना में 158.2 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। लाभ में बढ़ोतरी इसकी कुल आमदनी में बढ़त के कारण हुई। साल दर साल आधार पर माइंडट्री की कुल तिमाही आमदनी 1,354 करोड़ रुपये से 23.06% बढ़ कर 1,667.4 करोड़ रुपये रही। मुनाफे में बढ़ोतरी से आईटी सेवा प्रदाता कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) 7.23 रुपये से 33.06% अधिक 9.62 रुपये हो गयी।
हालाँकि तिमाही दर तिमाही आधार पर मुनाफे में गिरावट से कंपनी का एबिट 3.1% घट कर 191 करोड़ रुपये और एबिट मार्जिन 1.82% कम 11.6% पर रहा। वहीं डॉलर में देखें तो वार्षिक आधार पर माइंडट्री की शुद्ध आमदनी 20.7% की बढ़त के साथ 24.15 करोड़ डॉलर और शुद्ध लाभ 23.5% अधिक 2.33 करोड़ डॉलर रहा। मगर ठीक पिछली तिमाही के मुकाबले कंपनी की आमदनी (डॉलर में) 6.8% और मुनाफा 17.2% घट गया।
अप्रैल-जून तिमाही में 1 करोड़ डॉलर वाले माइंडट्री के ग्राहकों की संख्या 2 बढ़ कर 19 और 50 लाख डॉलर वाले ग्राहकों की तादाद 1 बढ़ कर 39 हो गयी।
शानदार तिमाही नतीजों के बावजूद माइंडट्री के शेयर में कमजोरी आयी है। 1,062.55 रुपये के पिछले बंद स्तर के मुकाबले माइंडट्री का शेयर आज बीएसई में 1,058.00 रुपये पर खुला। लाल निशान में शुरुआत के बाद इसमें और भी गिरावट आयी है। 10 बजे के करीब यह 86.05 रुपये या 8.10% की कमजोरी के साथ 976.50 रुपये पर चल रहा है। (शेयर मंथन, 19 जुलाई 2018)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख