शेयर मंथन में खोजें

एक महीने से कम समय में तिगुना हुआ आईआरसीटीसी (IRCTC) का शेयर भाव

सोमवार 11 नवंबर को बाजार में मामूली तेजी के बावजूद राष्ट्रीय रेलवे प्रणाली भारतीय रेल (Indian Rail) की सहायक कंपनी इंडियन रेलवे कैटरिंग ऐंड टूरिज्म कॉर्प (Indian Railway Catering and Tourism Corp) या आईआरसीटीसी (IRCTC) का शेयर बीएसई (BSE) में 6.33% की मजबूती के साथ 932.80 रुपये पर बंद हुआ।

आईआरसीटीसी का शेयर एक सफल आईपीओ के बाद 14 अक्टूबर को बीएसई पर 644 रुपये पर सूचीबद्ध हुआ था। उस समय कंपनी के शेयर ने आईपीओ के 320 रुपये के ऊपरी भाव के मुकाबले 101% प्रीमियम के साथ 644 रुपये पर शुरुआत की थी। यानी एक महीने पहले आईआरसीटीसी के शेयर का भाव (आईपीओ में) 315-320 रुपये था, जो अब करीब तिगुना होकर 932.80 रुपये पर पहुँच चुका है।
गौरतलब है कि आईआरसीटीसी के आईपीओ को निवेशकों की तरफ से जबरदस्त प्रतिक्रिया मिली थी, जिसके चलते जानकारों ने कंपनी के शेयर को अच्छे प्रीमियम के सूचीबद्ध होने का अनुमान लगाया था। आईआरसीटीसी के आईपीओ इश्यू को 111 गुना से अधिक आवेदन मिले थे। इश्यू 30 सितंबर को खुल कर 03 अक्टूबर को बंद हुआ था।
इश्यू में रखे गये 2.016 करोड़ शेयरों के मुकाबले निवेशकों की ओर से 2225.29 करोड़ शेयरों के लिए आवेदन भेजे गये थे। इनमें योग्य संस्थागत निवेशकों के आरक्षित हिस्से को 108.79 गुना, गैर-संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 354.51 गुना, खुदरा निवेशकों के हिस्से को 14.36 गुना और कर्मचारियों के हिस्से को 5.74 गुना आवेदन भेजे गये। (शेयर मंथन, 12 नवंबर 2019)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख