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आगे उछाल भले ही आये, पर टिकने का भरोसा कम

राजीव रंजन झा : कल सुबह की उछाल को देखने के बाद मैंने लिखा था कि "संभव है कि आज सुबह की उछाल के बाद थोड़ी मुनाफावसूली उभरे," और उसके बाद कल के कारोबार में वैसा ही हुआ भी।
कल निफ्टी (Nifty) ने सुबह-सुबह ही 6301 का ऊपरी स्तर छुआ, जो दिन का सबसे ऊँचा स्तर बना रह गया। पूरे दिन यह जरा नीचे की ढाल पर चलता रहा और दिन के सबसे निचले स्तर 6232 के पास ही 6241 पर बंद हुआ। इस तरह मुनाफावसूली पूरे दिन चलती रही।
आगे आने वाले कुछ दिनों के लिए कल मैंने अनुमान जताया था कि "मोटे तौर पर अभी कुछ दिनों के लिए बाजार में सकारात्मक रुझान रहने की उम्मीद की जा सकती है।" कल मैंने इस हफ्ते सोमवार को कही अपनी बात को भी दोहराया था कि "अगर निफ्टी 6357 के पिछले रिकॉर्ड स्तर को पार कर ले और 6400-6500 की ओर बढ़ जाये तो कोई ताज्जुब नहीं।" यह संभावना इस समय भी कायम है, या यूँ कहें कि बाजार उसी के अनुरूप चलता दिख रहा है।
लेकिन आज संभव है कि बाजार फिर जरा ठिठका रहे और जरा इंतजार कर ले कि अब मतगणना के असली नतीजे सामने आ जायें। बाजार को इंतजार है अमेरिकी बाजार से आने वाली कुछ खबरों का भी। लेकिन यह अपने-आप दिलचस्प है कि कल अमेरिकी जीडीपी के आँकड़ों में सुधार की जो खबर आयी, उस पर बाजार मायूस हो गया!
दरअसल कैलेंडर वर्ष 2013 की तीसरी तिमाही, यानी जुलाई-सितंबर 2013 के दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था की विकास दर का आरंभिक अनुमान 2.8% था। लेकिन अब संशोधित आकलन के मुताबिक तीसरी तिमाही में अमेरिकी जीडीपी वास्तव में 3.6% बढ़ी। यह खबर अपने-आप में अच्छी है, लेकिन बाजार यह सोच कर मायूस है कि अब फेडरल रिजर्व अर्थव्यवस्था में इस सुधार को देख कर कहीं अपने क्यूई-3 को जल्दी समेटना न शुरू कर दे।
पहले भी मैंने कई बार जिक्र किया है कि बाजार का यह व्यवहार ऐसा ही है, मानो कोई मरीज अपनी बीमारी में सुधार की बात सुन कर खुश होने के बदले यह सोच कर मायूस हो जाये कि अब दवा घट जायेगी। लेकिन बाजार केवल तुरंत अगले क्षण की बात सोचता है और नकदी के प्रवाह को देखता है। वह इस बात को देखता है कि फेडरल रिजर्व ने अगर क्यूई-3 या क्वांटिटेटिव ईजिंग के तीसरे दौर के तहत बांडों की मासिक खरीदारी की मात्रा में कमी करेगा तो बाजार में उपलब्ध नकदी घटेगी। नकदी घटने का सीधा नतीजा यह होगा कि वैश्विक स्तर पर शेयर बाजारों में नया निवेश कम आयेगा या फिर पुराना निवेश भी बेच कर पैसे निकाले जायेंगे।
बहरहाल, आज सुबह के शुरुआती कारोबार को देख कर यही लगता है कि बाजार ने आज एक सीमित दायरे में दिन गुजारने का मन बनाया है। कल का ऊपरी स्तर 6301 का था और उसके ऊपर निकलने पर तेजी की गुंजाइश बनेगी, लेकिन ऐसा आज हो पाना मुश्किल लगता है। वहीं कल के निचले स्तर 6232 के पास ही आज सुबह सहारा मिलता दिखा है, क्योंकि सुबह-सुबह निचला स्तर 6231 का है। अगर आज आगे यह स्तर टूटा तो 6209 पर अगला सहारा होगा, जो बुधवार का ऊपरी स्तर था।
अगले कुछ दिनों की बात करें तो निफ्टी के लिए 6357 के रिकॉर्ड स्तर को पार करना अब भी एक बड़ी चुनौती है। लेकिन इसके पार हो पाने की स्थिति में आगे 6400 से लेकर 6600 तक की भी गुंजाइश खुल सकती है। सोमवार को यह देखना होगा कि विधानसभा चुनावों के परिणाम सामने आ जाने के बाद बाजार की प्रतिक्रिया कैसी रहती है। मगर इतना जरूर कहा जा सकता है कि अगर 6357 पार हो जाये और निफ्टी इसके आगे के ऊपरी स्तरों की ओर बढ़ जाये, तो भी ऊपरी स्तरों पर सावधान रहना और मुनाफा जेब में डालना बेहतर होगा। मौजूदा उछाल अभी जहाँ तक भी जाये, लेकिन इसके टिकाऊ होने का भरोसा कम है। Rajeev Ranjan Jha
(शेयर मंथन, 06 दिसंबर 2013)

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