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शेयर मंथन सर्वेक्षण : फिर सीमित हैं उम्मीदें

राजीव रंजन झा : चाहे जनवरी 2013 का सर्वेक्षण हो या जुलाई 2013 का, जानकारों ने अगले 12 महीनों के लिए सीमित बढ़त की ही उम्मीदें जतायी थीं।
जनवरी 2013 के सर्वेक्षण में सेंसेक्स (Sensex) के लिए 13.2% बढ़त के साथ 21,985 का लक्ष्य मिला था, जबकि निफ्टी (Nifty) के लिए 10.9% ऊपर 6,549 का लक्ष्य था। जुलाई 2013 आते-आते बाजार अगले 12 महीनों में और भी कम आशावादी हो गया। उस समय अगले 12 महीनों, यानी जून 2014 तक का लक्ष्य सेंसेक्स के लिए 21,275 (9.7% ऊपर) और निफ्टी के लिए 6,309 (8.0% ऊपर) का लक्ष्य सामने आया था। जुलाई 2013 के सवेक्षण में दिसंबर 2013 तक के लक्ष्य तो और भी हल्के थे, सेंसेक्स के लिए 20,061 और निफ्टी के लिए 5,990 के। दिसंबर 2013 के अंतिम दिन सेंसेक्स 21,171 और निफ्टी 6,304 पर है। यानी बाजार छह महीने पहले इन सूचकांकों के जून 2014 के जो लक्ष्य देख पा रहा था, वे इस समय ही हासिल हो चुके हैं।
मगर इसके बावजूद ताजा सर्वेक्षण में बाजार अगले छह महीनों और 12 महीनों के लिए ज्यादा उत्साहजनक या आक्रामक लक्ष्य नहीं बना रहा है। जून 2014 के लिए जानकारों का औसत अनुमान यह है कि सेंसेक्स इन छह महीनों में 22,714 पर होगा, यानी 31 दिसंबर 2013 के बंद स्तर से 7.3% की बढ़त हासिल हो सकेगी। बेशक, छह महीने पहले बाजार जून 2014 में सेंसेक्स के लिए 21,275 का जो लक्ष्य तय कर रहा था, यह उससे 6.8% ऊपर का लक्ष्य है। इस लिहाज से यह जरूर माना जा सकता है कि बीते छह महीनों में बाजार की धारणा कुछ सुधरी है।
सेंसेक्स की तुलना में निफ्टी के लक्ष्य जरा हल्के मिले हैं। ताजा सर्वेक्षण में जहाँ सेंसेक्स में जून 2014 तक 7.3% बढ़त का अनुमान दिखता है, वहीं निफ्टी के लिए 5.1% ऊपर 6,624 का लक्ष्य मिला है। वास्तविकता में किसी नियत अवधि में सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त में इतना फर्क नहीं होता। इससे लगता है कि विश्लेषक सेंसेक्स और निफ्टी के लक्ष्य देते समय एक अनुपात का ध्यान रखने के बदले उनके अलग-अलग मनोवैज्ञानकि स्तरों का ज्यादा ध्यान रखते हैं!
साल भर बाद, यानी दिसंबर 2014 के लक्ष्यों में भी यही बात दिखती है। जानकारों ने 12 महीने बाद के लिए सेंसेक्स में 13.2% वृद्धि के साथ 23,967 का औसत लक्ष्य दिया है, जबकि निफ्टी के लिए 9.7% वृद्धि के साथ 6,917 का लक्ष्य मिला है।
अगर कुछ और पहले के सर्वेक्षणों को देखें तो जुलाई 2012 के सर्वेक्षण में भी सेंसेक्स के लिए 12 महीनों में 10% वृद्धि का लक्ष्य मिला था। अगर थोड़ी ठीक-ठाक बढ़त की उम्मीद इससे पहले बाजार में नजर आयी थी तो जनवरी 2012 के सर्वेक्षण में, जब सेंसेक्स के लिए दिसंबर 2012 का लक्ष्य 17.4% ऊपर 18,144 का था। तब दिसंबर 2012 के अंत में सेंसेक्स इससे कहीं ऊपर 19,427 पर पहुँचा भी था। लेकिन ताजा सर्वेक्षण समेत बीते चार छमाही सर्वेक्षणों में बाजार तकरीबन 10-13% की बड़ी हल्की बढ़त की उम्मीदों के साथ ही चल रहा है और बाजार का वास्तविक प्रदर्शन भी हल्का ही रहा है। इस दौरान बाजार के तमाम उतार-चढ़ाव एक बड़े दायरे के बीच ही रहे हैं।
अब बाजार ने लोकसभा चुनावों के बाद एक नयी दिशा मिलने की उम्मीदें जरूर बाँध ली हैं। कई विश्लेषकों ने 2014 में कई सालों की तेजी शुरू होने की उम्मीदें जतायी हैं। शर्त केवल यह है कि सरकार बाजार के मन की बन जाये, क्योंकि अर्थव्यवस्था का सँभलना उससे काफी हद तक जुड़ा हुआ है! लेकिन इन उम्मीदों को बाजार अभी आँकड़ों में बदलने का हौसला नहीं जुटा पाया है। इसीलिए आगे के लक्ष्य जरा सीमित हैं।

बढ़ा है 7000 छूने का भरोसा
जनवरी 2013 के सर्वेक्षण में यह बात सामने आयी थी कि बाजार निफ्टी के 7,000 तक पहुँचने की उम्मीदें लगाने लगा है। तब दिसंबर 2013 का औसत लक्ष्य तो 6,549 का था, मगर 9.8% जानकारों ने साल 2013 में निफ्टी का शिखर 7,000 के ऊपर बनने की उम्मीद जतायी थी। जुलाई 2013 के सर्वेक्षण में अगले 12 महीनों के दौरान 7,000 से ऊपर का शिखर बनने की उम्मीद जताने वालों की संख्या बढ़ कर 15.7% हो गयी थी। अब ताजा सर्वेक्षण में ऐसे जानकारों की संख्या बढ़ कर 35.5% हो गयी है।
इस बार के सर्वेक्षण में 29.2% विश्लेषकों की राय है कि साल 2014 में निफ्टी का शिखर 7,001-7,500 के बीच होगा। वहीं कुछ जानकारों ने अब 8,000 और इसके ऊपर के स्तरों की भी बात की है।
जनवरी 2013 के सर्वेक्षण में साल 2013 के लिए निफ्टी के शिखर का औसत अनुमान 6,682 का था, लेकिन निफ्टी 267 अंक के फासले से इस लक्ष्य को छूने से रह गया। इसके बाद जुलाई 2013 के सर्वेक्षण में अगले 12 महीनों के दौरान शिखर का औसत अनुमान 6,507 का था, यानी जनवरी 2013 की तुलना में कुछ कम ही। मतलब यह कि साल 2013 की पहली छमाही ने विश्लेषकों का उत्साह घटाया था। मगर दूसरी छमाही के प्रदर्शन से साफ है कि लोग अब फिर से ज्यादा ऊपर के लक्ष्यों की बातें सोचने लगे हैं। इसीलिए ताजा सर्वेक्षण में अगले 12 महीनों, यानी साल 2014 के दौरान निफ्टी के शिखर का औसत अनुमान 7,160 आया है। इस तरह अगले 12 महीनों के अनुमानित शिखर का आँकड़ा 653 अंक ऊपर चढ़ा है।

अब 5000 से नीचे नहीं
अगर शिखर के अनुमान ऊपर की ओर चढ़े हैं तो तलहटी का आँकड़ा भी सुधरा है। अब बाजार में यह भरोसा बना है कि निफ्टी किसी बड़ी उठापटक के दौरान भी 5,000 के नीचे नहीं जायेगा। दरअसल ताजा सर्वेक्षण में किसी भी जानकार ने साल 2014 में 5,000 से नीचे की तलहटी बनने की आशंका नहीं जतायी है। दरअसल 4,501-5,000 के बीच तलहटी बनने की आशंका जताने वाले जानकार केवल 2.1% हैं। इन 2.1% लोगों का अनुमान भी ठीक 5,000 का है। वहीं अब करीब दो तिहाई (64.6%) जानकार मान रहे हैं कि साल 2014 में निफ्टी की तलहटी 5,501 से 6,000 के बीच ही कहीं बननी चाहिए। Rajeev Ranjan Jha
(शेयर मंथन, 01 जनवरी 2014)

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