आरवी त्रिवेदी जानना चाहते हैं कि उन्हें मुथूट माइक्रोफिन (Muthoot Microfin) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि मौजूदा समय में माइक्रो फाइनेंस और अनसिक्यर्ड लोन वाले बिजनेस में जोखिम काफी बढ़ गया है। जितना नीचे स्तर पर छोटे-छोटे और बिना गारंटी वाले लोन दिए जाते हैं, उतना ही एसेट क्वालिटी खराब होने का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे सेक्टर में निवेश तब किया जाता है जब भविष्य में डिफॉल्ट या खराब कर्ज बढ़ने की आशंका कम हो, लेकिन अभी आर्थिक परिस्थितियां काफी दबाव वाली दिखाई दे रही हैं। कई जगहों पर फाइनेंशियल स्ट्रेस बढ़ रहा है और आने वाले समय में डिलिंक्वेंसी यानी लोन चूकने की घटनाएं बढ़ सकती हैं। इसलिए इस समय निवेशकों को लो-क्वालिटी या ज्यादा जोखिम वाले फाइनेंशियल स्टॉक्स से बचना चाहिए, चाहे इसके चलते कुछ अवसर हाथ से निकल जाएं।
फिलहाल निवेशकों को हाई क्वालिटी और सिक्यर्ड फाइनेंसिंग कंपनियों पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए। भले वहां ग्रोथ थोड़ी कम मिले, लेकिन निवेशक मानसिक रूप से ज्यादा सुरक्षित महसूस करेंगे। माइक्रो फाइनेंस कंपनियों में तेज ग्रोथ की संभावना जरूर होती है, लेकिन उसके साथ जोखिम भी उतना ही बड़ा होता है। यही वजह है कि मुथूट माइक्रोफिन जैसे शेयरों में निवेश करते समय एसेट क्वालिटी सबसे अहम फैक्टर बन जाती है।
अगर शेयर के तकनीकी स्तरों की बात करें तो विश्लेषकों के अनुसार स्टॉक में बड़ी गिरावट के बाद अब कुछ अहम सपोर्ट जोन बनते दिखाई दे रहे हैं। लगभग 170 रुपये के आसपास शेयर का मजबूत सपोर्ट नजर आता है। यह स्तर कई तकनीकी संकेतों जैसे रिट्रेसमेंट और मूविंग एवरेज के साथ मेल खाता है। मौजूदा वैल्यूएशन के हिसाब से भी यह जोन काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शेयर लगभग 1.1 प्राइस टू बुक वैल्यू के आसपास ट्रेड कर रहा है और अगर इसमें थोड़ी और कमजोरी आती है तो वैल्यूएशन और आकर्षक हो सकता है।
170 रुपये के आसपास पहुंचने पर स्टॉक का बड़ा हिस्सा डी-रिस्क हो जाता है यानी वैल्यूएशन से जुड़ी चिंताएं काफी हद तक कम हो सकती हैं। हालांकि इसके नीचे 160 रुपये तक का स्तर भी बेहद अहम सपोर्ट जोन माना गया है। अगर शेयर 160 के नीचे जाता है तो फिर कमजोरी और बढ़ सकती है और पुराने लो लेवल्स 145 से 140 रुपये तक दोबारा देखने को मिल सकते हैं। इसलिए निवेशकों के लिए यह जरूरी होगा कि वे इन स्तरों पर खास नजर रखें।
मुथूट माइक्रोफिन में फिलहाल वैल्यूएशन और तकनीकी स्तरों के आधार पर कुछ सपोर्ट जरूर दिखाई दे रहा है, लेकिन सेक्टर का जोखिम अभी भी काफी बड़ा है। इसलिए निवेशकों को केवल सस्ते वैल्यूएशन देखकर जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहिए। कंपनी की एसेट क्वालिटी, रिकवरी ट्रेंड और आने वाली तिमाहियों के नतीजों पर लगातार नजर रखना बेहद जरूरी रहेगा।
(शेयर मंथन, 26 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)