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आईपीओ से पहले मुनाफा, बाद में घाटा! न्यू एज कंपनियों के मॉडल पर फिर उठे सवाल

हाल के वर्षों में कई न्यू एज कंपनियों के आईपीओ निवेशकों के लिए चर्चा का विषय रहे हैं।

इनमें एक समान पैटर्न देखने को मिला है कि आईपीओ से ठीक पहले कंपनियां मुनाफा दिखाती हैं, लेकिन लिस्टिंग के बाद उनकी वित्तीय तस्वीर बदल जाती है। बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि अर्बन कंपनी का उदाहरण भी इसी बहस को फिर से हवा दे रहा है। कंपनी ने एक वित्तीय वर्ष में उल्लेखनीय लाभ दर्ज किया, लेकिन अगले ही साल दोबारा घाटे में पहुंच गई। ऐसी स्थिति निवेशकों के मन में संदेह पैदा करती है। सवाल यह उठता है कि आखिर ऐसा कौन-सा बदलाव होता है जिससे कंपनी का प्रदर्शन एक साल में पूरी तरह बदल जाता है। हालांकि नई कंपनियों में विस्तार और निवेश के कारण लाभ-हानि में उतार-चढ़ाव सामान्य माना जाता है, लेकिन लाभ से सीधे बड़े घाटे में पहुंचना चिंता का विषय बन जाता है। निवेशकों के लिए जरूरी है कि वे केवल नेट प्रॉफिट पर नहीं, बल्कि EBITDA, कैश फ्लो और ऑपरेशनल प्रदर्शन जैसे संकेतकों पर भी ध्यान दें। इससे कंपनी की वास्तविक वित्तीय स्थिति को बेहतर तरीके से समझा जा सकता है।

(शेयर मंथन, 02 जून 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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