शेयर मंथन में खोजें

चेन्नई में 550 करोड़ रुपए का निवेश करेगी डीएलएफ

रियल एस्टेट की दिग्गज कंपनी डीएलएफ (DLF) चेन्नई में 550 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।

कंपनी यह निवेश स्टैनचार्ट जीबीएस (StanChart GBS) के लिए ऑफिस बनाने पर निवेश करेगी। इस रकम से 10 लाख स्क्वायर फीट क्षेत्र में ऑफिस बनाया जाएगा। यह ऑफिस वैश्विक स्तर पर स्टैनचार्ट के वैश्विक कारोबार सेवा के लिहाज से सबसे बड़ा कैंपस होगा।
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने ऑफिस कैंपस की आधारशिला चेन्नई के तारामणि में स्थित 'DLF Downtown' प्रोजेक्ट में रखी। अक्टूबर 2020 में डीएलएफ ने स्टैंडर्ड चार्टर्ड ग्लोबल बिजनेस सर्विस यानी (StanChart GBS) को 7.7 लाख स्क्वायर फीट प्री-लीज के तौर पर दे दिया था। इसके अलावा बाकी बचे क्षेत्र के लिए बाद में लेने का विकल्प भी था।
डीएलएफ के रेंटल कारोबार के प्रबंध निदेशक श्रीराम खट्टर ने कहा कि, हम स्टैंडर्ड चार्टर्ड ग्लोबल बिजनेस सर्विस के लिए दो ब्लॉक बना रहे हैं जिसकी अनुमानित लागत करीब 550 करोड़ रुपए है। यह प्रोजेक्ट करीब 27 एकड़ में फैला हुआ है जो 68 लाख स्क्वायर फीट के करीब है। इस क्षेत्र को डीएलएफ साइबर सिटी डेवलपर्स लिमिटेड यानी डीसीसीडीएल (DCCDL) 5000 करोड़ के निवेश से विकसित करेगी। आपको बता दें कि डीसीसीडीएल डीएलएफ और सिंगापुर सोवरेन वेल्थ फंड जीआईसी का एक संयुक्त उपक्रम है।
डीएलएफ ने अब तक 153 रियल एस्टेट प्रोजेक्ट विकसित किए हैं। जहां तक क्षेत्र का सवाल है तो यह करीब 33.1 करोड़ स्क्वायर फीट के बराबर है। कंपनी के पास आवासीय और व्यावसायिक सेगमेंट में 21.5 करोड़ स्क्वायर फीट जमीन विकसित करने की क्षमता है। डीएलएफ ग्रुप के एनुअटी पोर्टफोलियो करीब 3.5 करोड़ स्क्वायर फीट का है जिसमें 3.3 करोड़ स्क्वायर फीट यूएस ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल द्वारा LEED प्लैटिनम से प्रमाणित है। (शेयर मंथन, 15 मार्च 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख