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सिप्ला का अचिरा लैब्स में 21.05 फीसदी हिस्सा अधिग्रहण के लिए करार

सिप्ला ने अचिरा लैब्स में 21.05 फीसदी हिस्से के अधिग्रहण के लिए करार किया है। सिप्ला 21.05 फीसदी हिस्से के लिए 25 करोड़ रुपए का निवेश करेगी।

 सिप्ला ने अचिरा लैब्स में 21.05 फीसदी हिस्से के अधिग्रहण के लिए करार किया है। सिप्ला 21.05 फीसदी हिस्से के लिए 25 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। आपको बता दें कि अचिरा लैब्स भारत में प्वाइंट ऑफ केयर (PoC) मेडिकल टेस्ट किट को विकसित करने के साथ इसकी बिक्री से जुड़े कारोबार करती है। सिप्ला ने हिस्सा खरीद के लिए अचिरा लैब्स के साथ किए गए करार की जानकारी एक्सचेंज को दी है। इस करार के साथ ही सिप्ला रणनीतिक तौर पर पीओसी डायग्नोस्टिक और एएमआर (एंटीमाइक्रोबियल रजिस्टेंस) के क्षेत्र में प्रवेश कर जाएगी। इस अधिग्रहण के बाद कंपनी माइक्रोफ्लूयड आधारित टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में डिजाइन और डेवलपमेंट और उत्पादन में प्रवेश कर जाएगी। सिप्ला के भारतीय कारोबार के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अचिन गुप्ता ने कहा कि यह कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाति है जिसके तहत वह इनोवेटिव,अफॉर्डेबल यानी खरीदने में समर्थ और सभी के लिए बेहतर स्तर के डायग्नोस्टिक सॉल्यूशंस मुहैया कराने की दिशा में काम कर रही है। कंपनी जिंदगी का ख्याल रखने के उद्देश्य से काम कर रही है। साथ ही कंपनी प्वाइंट ऑफ केयर (PoC) टेस्ट किट सॉल्यूशंस की उपलब्धता सभी के लिए सुनिश्चित करने के लिए लगातार रणनीतिक निवेश करते रहेगी। प्वाइंट ऑफ केयर (PoC) टेस्ट किट सॉल्यूशंस के जरिए तेजी से इंफेक्शन फैलाले वाले कीड़ा का पता लगाना है। इससेस मरीज के इलाज के दौरान सही एंटीबायोटिक देने में काफी मदद मिलेगी। सिप्ला के मुताबिक अधिग्रहण की प्रक्रिया 60 दिनों के भीतर होन की उम्मीद है। अधिग्रहण के लिए तय शर्तों के बीच दोनों कंपनियां जिस तारीख पर राजी होंगी उसी दिन इसे पूरा किया जाएगा। बंगलुरू आधारित अचिरा लैब्स मेडिकल डायग्नोस्टिक्स के क्षेत्र में काम करती है। यह मेडिकल डायग्नोस्टिक उत्पाद बनाती है। इन उत्पादों को बनाने के लिए माइक्रोफ्लूयड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है।

(शेयर मंथन 18 जून 2022)

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