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ग्रीन हाइड्रोजन के लिए पीटीसी (PTC) इंडिया और जीएचआईपीएल के बीच करार

पीटीसी (PTC) इंडिया और ग्रीनस्टैट हाइड्रोजन इंडिया (GHIPL) ने करार का ऐलान किया है। यह करार संयुक्त तौर पर ग्रीन हाइड्रोजन सॉल्यूशंस विकसित करने के लिए किया गया है।

पीटीसी (PTC) इंडिया और ग्रीनस्टैट हाइड्रोजन इंडिया (GHIPL) ने करार का ऐलान किया है। यह करार संयुक्त तौर पर ग्रीन हाइड्रोजन सॉल्यूशंस विकसित करने के लिए किया गया है। इस करार से भारत के पावर मार्केट के लाभार्थियों को फायदा मिलेगा। ग्रीनस्टैट हाइड्रोजन इंडिया (GHIPL) नॉर्वे की एनर्जी कंपनी ग्रीनस्टैट एएसए की सब्सिडियरी है। पीटीसी (PTC) इंडिया और ग्रीनस्टैट हाइड्रोजन इंडिया ने संयुक्त स्तर पर दोनों कंपनियां ग्रीन हाइड्रोजन सॉल्यूशंस विकसित करने के लिए समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किया है। इस समझौता पत्र के तहत ग्रीन हाइड्रोजन सॉल्यूशंस विकसित करने के लिए विकास किए जाने वाले क्षेत्र में फिजिबिलिटी स्टडीज और प्रोजक्ट मैनेजमेंट सर्विसेज शामिल है। दोनों कंपनियां पीटीसी (PTC) इंडिया और ग्रीनस्टैट हाइड्रोजन इंडिया अवसरों की पहचान करने की दिशा में भी काम कर रही है। भारत में ग्रीन हाइड्रोजन की सुविधा पहुंचाने की दिशा में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की दिशा में फोकस करेगी। भारत की भविष्य जरुरतों को सतत पूरा करने के लिए ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में में असीम संभावनाएं हैं। साथ ही नेट जीरो इकोनॉमी की तरफ बढ़ने में भी काफी मददगार साबित होगी। पीटीसी इंडिया के सीएमडी (CMD) राजीब कुमार मिश्रा ने कहा कि इस एसोसिएशन के तहत पीटीसी और ग्रीनस्टैट भारत में ग्रीन हाइड्रोजन को अपनाने की दिशा में अहम भूमिका निभाएंगे।

(शेयर मंथन 18 जून 2022)

 

 

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