शेयर मंथन में खोजें

एसऐंडपी बीएसई सेंसेक्स

क्या दरों में विराम के बावजूद पीएसयू बैंक बेहतर रिटर्न दे सकते हैं?

भारतीय रिजर्व बैंक की ताजा मौद्रिक नीति में इस बार किसी नए रेट कट की घोषणा नहीं की गई। हालांकि पिछली कुछ नीतियों में कुल मिलाकर 125 बेसिस प्वाइंट की आक्रामक कटौती की जा चुकी है।

सेठी फीनमार्ट के एमडी विकास सेठी कहते है कि इसलिए इस बार “पॉज” को स्वाभाविक माना जा रहा है। महंगाई फिलहाल नियंत्रण में है, आर्थिक वृद्धि संतोषजनक बनी हुई है और रुपये पर भी कुछ दबाव है—इन सभी कारकों को देखते हुए दरों में फिलहाल विराम देना संतुलित कदम माना जा रहा है। इसका अर्थ यह नहीं है कि रेट कट साइकिल पूरी तरह समाप्त हो गई है, बल्कि यह संकेत है कि अब आगे के कदम डेटा पर निर्भर होंगे।

बैंकिंग और एनबीएफसी सेक्टर के लिए मौजूदा परिदृश्य सकारात्मक माना जा रहा है। पहले की गई दर कटौतियों का असर अर्थव्यवस्था में धीरे-धीरे दिखाई देगा, जिसे “लैग इफेक्ट” कहा जाता है। साथ ही, आरबीआई समय-समय पर ओपन मार्केट ऑपरेशंस (OMO) के जरिए तरलता भी उपलब्ध करा रहा है। यदि भारत की अर्थव्यवस्था अगले कुछ वर्षों में 7–8% की दर से बढ़ती है, तो उसमें बैंकिंग सेक्टर की भागीदारी अनिवार्य होगी। ऐसे में यह सेक्टर लंबी अवधि के लिए आकर्षक बना हुआ है।

विशेषज्ञों का झुकाव फिलहाल सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSU Banks) की ओर अधिक दिखाई देता है। भले ही इन शेयरों में पिछले कुछ महीनों में अच्छी तेजी आई हो, फिर भी निजी बैंकों की तुलना में इनके वैल्यूएशन अब भी अपेक्षाकृत सस्ते माने जा रहे हैं। इस श्रेणी में State Bank of India प्रमुख पसंद बना हुआ है, जहां स्थिरता और रिटर्न का संतुलन दिखता है। इसके अलावा Canara Bank भी मौजूदा स्तरों पर आकर्षक माना जा रहा है, खासकर हालिया गिरावट के बाद।

निजी बैंकों में भी अवसर मौजूद हैं। कोटक महिंद्रा बैंक को मजबूत प्रबंधन और स्थिर ग्रोथ के कारण पसंद किया जा रहा है। वहीं ICICI Bank और HDFC Bank हालिया कमजोरी के बाद फिर से आकर्षक स्तरों पर नजर आ रहे हैं। यदि निवेशक थोड़ा अधिक जोखिम लेकर संभावित तेज रिटर्न चाहते हैं, तो मिड-साइज निजी बैंकों पर भी नजर रख सकते हैं। RBL Bank में प्रबंधन परिवर्तन और संभावित री-रेटिंग की कहानी चर्चा में है, जबकि Federal Bank और Bandhan Bank भी विकल्प हो सकते हैं।

बैंकिंग सेक्टर को पोर्टफोलियो में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। रणनीति यह हो सकती है कि एक मजबूत लार्ज कैप पीएसयू बैंक, एक अन्य प्रमुख सार्वजनिक बैंक और एक-दो निजी बैंकों का संतुलित संयोजन रखा जाए। बाजार में यदि किसी कारण से गिरावट या घबराहट का माहौल बनता है, तो उसे इस सेक्टर में चरणबद्ध निवेश के अवसर के रूप में देखा जा सकता है।


(शेयर मंथन, 17 फरवरी 2026)

(आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

देश मंथन के आलेख