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रेल विकास निगम लिमिटेड को 500 करोड़ रुपये के कई ऑर्डर मिले

रेल विकास निगम लिमिटेड यानी आरवीएनएल (RVNL) को पूर्वोत्तर रेलवे और डीएचबीवीएन (DHBVN) यानी दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड से कई ऑर्डर मिले हैं।

बीजेपी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने से औंधे मुंह गिरा बाजार, निफ्टी 1379, सेंसेक्स 4390 अंक गिर कर बंद

लोकसभा चुनावों के नतीजों से शेयर बाजार काफी निराश दिखा। लिहाजा बाजार गिरा और इतना गिरा कि यह 4 वर्षों की सबसे बड़ी गिरावट बन गयी। सेंसेक्स 4,389 अंक या 5.74% टूट कर 72,079 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 5.93% की गिरावट रही और यह 21,884 के स्तर पर बंद हुआ। 

अदाणी समूह की 10 में से 8 कंपन‍ियों में लगा लोअर सर्किट, समूह के 3.64 लाख करोड़ रुपये डूबे

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में मंगलवार (04 जून) को उम्‍मीद से कम सीटें मिलने के संकेत के बाद भारतीय शेयर बाजार धड़ाम हो गये। इससे एक तरफ जहाँ बाजार के ज्‍यादातर शेयरों में गिरावट दर्ज की गयी, वहीं अदाणी समूह की ज्‍यादातर कंपन‍ियों के स्‍टॉक में लोअर सर्किट लग गया। इसे समूह की कुल पूँजी में 3.64 लाख करोड़ रुपये डूब गये।

बायोकॉन को यूएसएफडीए से फंगस की दवा के लिए मंजूरी मिली

बायोटेक्नोलॉजी कंपनी बायोकॉन को अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यूएसएफडीए (US FDA) से अच्छी खबर मिली है। बायोकॉन को फंगस की दवा के लिए यूएसएफडीए से मंजूरी मिली है।

एनएचएआई के टोल कलेक्शन बढ़ोतरी से आईआरबी इन्फ्रा का शेयर उछला

नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया यानी एनएचएआई (NHAI) ने देशभर में टोल टैक्स में बढ़ोतरी का ऐलान किया है। टोल टैक्स में यह बढ़ोतरी 3 जून से लागू होगी।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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