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बाजार विशेषज्ञ से जानें सोने की कीमतों का विश्लेषण, क्या बड़ा करेक्शन होने वाला है?

सोने की कीमतें इस समय नए रिकॉर्ड स्तर पर हैं। एमसीएक्स पर गोल्ड ने नया हाई बना लिया है और भले ही डॉलर में अभी ऑल-टाइम हाई न दिखे, लेकिन रुपये में सोना रिकॉर्ड पर पहुंच चुका है। ऐसे में बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानें निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?

समीर अरोड़ा से जानिए म्यूचुअल फंड में कैसे निवेश करें?

समीर अरोड़ा ने बताया कि महज दो साल पहले शुरू हुआ हेलियोस म्यूचुअल फंड अब करीब 8,000 करोड़ रुपये के एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) तक पहुंच चुका है।

डाउनट्रेंड या साइडवे मोमेंट? विशेषज्ञ से जानें गोदरेज इंडस्ट्रीज के शेयरों का विश्लेषण

विक्रम जानना चाहते हैं कि उन्हें गोदरेज इंडस्ट्रीज (Godrej Industries) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 1050 रुपये के भाव पर 1000 शेयर खरीदे हैं। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

सीमेंट सेक्टर शेयरों पर शोमेश कुमार की सलाह? निवेशकों को आगे क्या करना चाहिए?

पंकज चौधरी जानना चाहते हैं कि उन्हें सीमेंट सेक्टर के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

क्या मिडकैप-स्मॉलकैप बड़ी तेजी के लिए तैयार हैं? एक्सपर्ट से जानिए निफ्टी आईटी आउटलुक

निफ्टी आईटी में इस समय एक बड़ा पैटर्न बनता हुआ दिखाई दे रहा है। इंडेक्स पिछले कुछ समय से 34,000 से 36,000 अंकों की रेंज में घूम रहा है। बाजार विश्लेषक से जानें आगे क्या होने वाला है?

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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