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मिडकैप-स्मॉलकैप में लौटती रफ्तार, क्या निवेशकों का फिर बनेगा पैसा?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार कहते है कि मिडकैप और स्मॉलकैप को लेकर नजरिया अब भी सकारात्मक है।

मिडकैप और स्मॉलकैप में उतार-चढ़ाव जरूर रहेगा और बीच-बीच में 20-30% की गिरावट भी दिख सकती है, लेकिन लंबे समय में यहीं से सबसे ज्यादा वेल्थ क्रिएशन की संभावना बनती है। आने वाले महीनों में नया साइकिल धीरे-धीरे शुरू होने की उम्मीद है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना होगा कि यह एकतरफा तेजी वाला बाजार नहीं होगा, बल्कि बीच-बीच में करेक्शन आते रहेंगे। तिमाही नतीजों की बात करें तो शुरुआत में डर जरूर था, लेकिन धीरे-धीरे नतीजों में सुधार देखने को मिल रहा है। खासकर मिडकैप और स्मॉलकैप कंपनियों में बिक्री वृद्धि 9-11% के दायरे में आती दिख रही है और मुनाफे की ग्रोथ भी बेहतर हो रही है। इससे यह संकेत मिलता है कि ब्रॉडर मार्केट की बुनियाद मजबूत हो रही है। जनवरी में आए करेक्शन के बाद मिडकैप और स्मॉलकैप के वैल्यूएशन भी काफी हद तक संतुलित हो गए हैं। अगर आगे भी कमाई के आंकड़े अच्छे रहते हैं तो महंगे दिख रहे वैल्यूएशन समय के साथ अपने-आप सस्ते लगने लगेंगे।

बाजार की मौजूदा स्थिति असमंजस भरी जरूर है, लेकिन डरने की जरूरत नहीं दिखती। निफ्टी और बैंक निफ्टी में सपोर्ट लेवल्स पर नजर रखते हुए गिरावट में खरीदारी की रणनीति अपनाई जा सकती है। मिडकैप और स्मॉलकैप में लंबी अवधि के निवेशक धीरे-धीरे पोजिशन बना सकते हैं, जबकि आईटी सेक्टर में फिलहाल सावधानी बरतना बेहतर रहेगा।


(शेयर मंथन, 12 फरवरी 2026)

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