शेयर मंथन में खोजें

एचडीएफसी बैंक शेयरों में 700 रुपये के नीचे क्यों नहीं दिख रही बड़ी गिरावट की आशंका?

एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 875 रुपये के भाव पर 2000 शेयर खरीदे हैं और फिलहाल नुकसान में हैं। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार इस सवाल के जवाब में कहते हैं कि हाल की गिरावट के बाद अब नुकसान पहले जितना बड़ा नहीं रहा, क्योंकि शेयर करीब 800 रुपये के आसपास ट्रेड कर रहा है। हालांकि उनका मानना है कि 820 के ऊपर मजबूत शॉर्ट कवरिंग तभी आएगी जब बाजार और बैंकिंग सेक्टर में भरोसा बढ़ेगा। एचडीएफसी बैंक में 700 रुपये के नीचे बहुत बड़ी गिरावट की संभावना फिलहाल कम दिखाई देती है। उनका कहना है कि शेयर पहले ही काफी टूट चुका है और 725 रुपये के आसपास लो भी बना चुका है। हालांकि उन्होंने यह मानने से इनकार किया कि अंतिम बॉटम पूरी तरह बन चुका है। उनके मुताबिक अगर निफ्टी 22,000 के ऊपर टिकता है तो बैंक का शेयर 770-820 रुपये के दायरे में कुछ समय तक घूम सकता है। यानी फिलहाल इसमें तेज रिटर्न की बजाय लंबा कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।

नतीजों की बात करें तो विश्लेषकों ने माना कि बैंक की हालिया ग्रोथ बहुत आकर्षक नहीं लगी। लगभग 8-9% की ग्रोथ दर के हिसाब से मौजूदा वैल्यूएशन पूरी तरह उत्साहजनक नहीं मानी जा रही। उनका मानना है कि आने वाले समय में इस शेयर से बहुत तेज रिटर्न की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। यहां तक कि 8-10% सीएजीआर भी मौजूदा परिस्थितियों में ठीक-ठाक माना जाएगा।

बैंकिंग सेक्टर की तुलना में उन्होंने कहा कि इस समय कई पीएसयू बैंक वैल्यूएशन और ग्रोथ दोनों के लिहाज से निजी बैंकों से बेहतर दिखाई दे रहे हैं। अच्छी बैलेंस शीट और बेहतर ग्रोथ के कारण सरकारी बैंकों का प्रदर्शन मजबूत लग रहा है। वहीं निजी बैंकों के लिए क्रेडिट ग्रोथ बढ़ाने के साथ-साथ डिफॉल्ट और एनपीए का जोखिम भी चुनौती बना हुआ है। इसी वजह से फिलहाल निजी बैंकिंग सेक्टर पर थोड़ा दबाव महसूस किया जा रहा है।

आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक की तुलना करते हुए विश्लेषकों ने कहा कि मौजूदा समय में ग्रोथ के लिहाज से आईसीआईसीआई बैंक बेहतर स्थिति में दिख रहा है। उन्होंने याद दिलाया कि बैंकिंग सेक्टर में नेतृत्व समय-समय पर बदलता रहता है। कभी Axis Bank को सबसे जोखिम भरा बैंक माना जाता था, लेकिन मैनेजमेंट बदलाव के बाद उसकी तस्वीर बदल गई। उसी तरह एक समय ऐसा भी था जब एचडीएफसी बैंक को निजी बैंकिंग का निर्विवाद विजेता माना जाता था और ICICI Bank पर भरोसा कम था। लेकिन अब हालात उलट गए हैं और फिलहाल ICICI Bank की ग्रोथ ज्यादा मजबूत दिखाई दे रही है।

विश्लेषकों के मुताबिक एचडीएफसी बैंक अभी अपने बड़े मर्जर के असर से पूरी तरह बाहर नहीं निकला है। जब तक बैंक फिर से 12-13% की मजबूत ग्रोथ नहीं दिखाता, तब तक निवेशकों की पहली पसंद ICICI Bank ही रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए तस्वीर अलग हो सकती है। उनका मानना है कि अगर कोई निवेशक 2 से 5 साल का नजरिया रखता है, तो एचडीएफसी बैंक में मौजूदा स्तरों पर रिस्क-रिवार्ड संतुलित दिखाई देता है।

उनके अनुसार 700 रुपये के नीचे लंबे समय तक शेयर टिकता हुआ नहीं दिखता, जबकि ऊपर की तरफ 1200 रुपये तक की संभावना अगले कुछ वर्षों में बन सकती है। इस हिसाब से करीब 15% डाउनसाइड के मुकाबले 50% तक का संभावित अपसाइड दिखाई देता है। लेकिन इसके लिए धैर्य जरूरी होगा। अगर कोई निवेशक मोमेंटम ट्रेडिंग करना चाहता है, तो फिलहाल आईसीआईसीआई बैंक ज्यादा मजबूत विकल्प दिख सकता है, जबकि लंबी अवधि के धैर्यवान निवेशकों के लिए एचडीएफसी बैंक धीरे-धीरे अवसर बन सकता है।

 



(शेयर मंथन, 29 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

देश मंथन के आलेख