अपोलो हॉस्पिटल्स के शेयर को अगर तकनीकी नजरिए से देखें, तो यह काफी समय से एक तय दायरे (range) में कारोबार कर रहा है। खास बात यह है कि इसमें बड़ी गिरावट देखने को नहीं मिली, जो इसकी मजबूती को दिखाता है।
अविनाश मेंटर रिसर्च सर्विसेज के संस्थापक अविनाश गोरक्षकर का कहना है कि जब कोई स्टॉक लंबे समय तक बिना गिरे कंसोलिडेट करता है, तो इसे अक्सर एक मजबूत बेस बनाने की प्रक्रिया माना जाता है, जो आगे चलकर नई तेजी का आधार बन सकता है। मौजूदा स्तर करीब 7500 रुपये के आसपास है और यदि कंपनी का प्रदर्शन इसी तरह स्थिर रहता है, तो अगले एक से डेढ़ साल में इसमें 9000 रुपये तक का स्तर देखने की संभावना जताई जा रही है।
हेल्थकेयर सेक्टर की बात करें तो इसमें लगातार ग्रोथ की संभावनाएं बनी हुई हैं। बढ़ती आबादी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की मांग और मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पतालों का विस्तार इस सेक्टर को मजबूती दे रहे हैं। यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज लिमिटेड जैसे स्टॉक्स पहले ही अपने निचले स्तरों से अच्छी तेजी दिखा चुके हैं, जबकि पार्क मेडी वर्ल्ड लिमिटेड भी अपने आईपीओ प्राइस से ऊपर कारोबार कर रहा है और इसमें आगे और तेजी की संभावना जताई जा रही है। यह संकेत देता है कि पूरे हॉस्पिटल सेक्टर में निवेशकों का भरोसा बना हुआ है।
एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि हेल्थकेयर एक “लाइफ-क्रिटिकल” सेक्टर है, जहां मांग लगभग स्थिर रहती है। भले ही सरकार समय-समय पर कीमतों पर नियंत्रण या नियम लागू करने की बात करे, लेकिन वास्तविकता यह है कि मरीज के लिए इलाज प्राथमिकता होती है और इस वजह से अस्पतालों की कमाई पर बहुत बड़ा असर नहीं पड़ता। यही कारण है कि इस सेक्टर की कंपनियां लंबी अवधि में स्थिर और मजबूत ग्रोथ दिखाने की क्षमता रखती हैं। ऐसे में अपोलो हॉस्पिटल्स जैसे मजबूत ब्रांड वाले स्टॉक में धैर्य के साथ निवेश बनाए रखना निवेशकों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है।
(शेयर मंथन, 05 मई 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)