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जियोपॉलिटिकल तनाव में गोल्ड-सिल्वर नहीं, ऑयल क्यों बन रहा असली बैरोमीटर?

वैश्विक भूराजनीतिक (जियोपॉलिटिकल) तनाव के दौर में आम तौर पर निवेशक सोना और चाँदी को सुरक्षित निवेश के रूप में देखते हैं, लेकिन मौजूदा स्थिति में इसका असर इन धातुओं की कीमतों में उतना स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है।

1030 रुपये के भाव पर खरीदा टाटा कंज्यूमर के शेयर, लंबी अवधि में क्या उम्मीद?

मनंदा खेलकर जानना चाहते हैं कि उन्हें टाटा कंज्यूमर (Tata Consumer) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 1030 के भाव पर लंबी अवधि के नजरिये से खरीदा है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

टीसीएस शेयरों में गिरावट के बाद खरीदारी करें या इंतजार? विशेषज्ञों की राय

सुधीर जानना चाहते हैं कि उन्हें टीसीएस (Tata Consultancy Services) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? उन्होंने 100 शेयर हैं जिनकी औसत खरीद कीमत लगभग 2600 रुपये के आसपास है और उनका नजरिया लंबी अवधि का है। आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

रेडिएंट कैश शेयर में निवेश से पहले बिजनेस मॉडल समझना क्यों जरूरी है?

संदीप अरणपल्ले जानना चाहते हैं कि उन्हें रेडिएंट कैश (Radiant Cash) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

रिलैक्सो फुटवियर में कब आएगी रिकवरी? एक्सपर्ट ने बतायी आगे क्या करना चाहिए?

एक निवेशक जानना चाहते हैं कि उन्हें रिलैक्सो फुटवियर (Relaxo Footwears) के शेयर में आगे क्या करना चाहिए? आइए, बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार से जानते हैं कि शेयरों में आगे क्या होने की संभावना है?

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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