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अगले 12 महीनों में कैसा रहेगा भारतीय शेयर बाजार का प्रदर्शन, ये तय करेंगे बाजार की दिशा

एसडब्ल्यू कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक पंकज जैन आने वाले महीनों के दौरान घरेलू बाजार के लिए संतुलित, लेकिन चयनात्मक आशावाद से भरा आकलन प्रस्तुत कर रहे हैं।

पंकज जैन का मानना है कि खुदरा निवेशकों की मजबूत भागीदारी और अमेरिका के साथ संभावित व्यापार समझौते से बाजार को समर्थन मिल सकता है। हालाँकि कुछ जोखिम अभी भी बने हुये हैं। 

पंकज जैन के अनुमान

सेंसेक्स लक्ष्य (जून 2026)

88,500

निफ्टी लक्ष्य (जून 2026)

27,400

सेंसेक्स लक्ष्य (दिसंबर 2026)

89,500

निफ्टी लक्ष्य (दिसंबर 2026)

28,000

2025-26 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

 

2026-27 में निफ्टी ईपीएस (रु.)

 

2025-26 की दूसरी छमाही में कॉर्पोरेट आय वृद्धि

0-10%

2025-26 में जीडीपी वृद्धि

7%

2026-27 में जीडीपी वृद्धि

8%

अगले 6 माह में डॉलर-रुपया विनिमय दर

88-91

अमेरिका से ट्रेड डील कब तक

मार्च 2026

सेंसेक्स 1 लाख पर किस वर्ष तक पहुँचेगा

2028

भारतीय शेयर बाजार के लिए वह अभी सबसे बड़ा सकारात्मक कारक खुदरा निवेशकों की भागीदारी और अमेरिका के साथ अपेक्षित व्यापार समझौते को मानते हैं। वहीं, अमेरिका के साथ समझौते में देरी, रुपये में कमजोरी और कॉरपोरेट आय में अपेक्षित सुधार न होना उनके अनुसार प्रमुख नकारात्मक जोखिम हैं। जैन का मानना है कि अगले 12 महीनों में भारतीय बाजार वैश्विक बाजारों की तुलना में कमतर प्रदर्शन कर सकता है।

जैन के अनुसार, आने वाले छह महीनों में बाजार की दिशा तय करने वाले प्रमुख कारक अमेरिकी शुल्क और तिमाही नतीजे हैं। उनका मानना है कि भारत और भारतीय शेयर बाजार पर अमेरिकी शुल्क का असर बड़ा नकारात्मक होगा। हालाँकि वह भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के मार्च 2026 तक पूरा होने की उम्मीद जताते हैं। आगामी आम बजट 2026-27 से उनकी अपेक्षाएँ वित्तीय क्षेत्र में सुधार और राजकोषीय घाटे को नियंत्रित रखने की हैं। उनका मानना है कि बजट का असर बाजार पर हल्का सकारात्मक हो सकता है। ब्याज दरों को लेकर पंकज जैन का मानना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और भारतीय रिजर्व बैंक दोनों ही आगे चलकर दरों में और कटौती कर सकते हैं।

वैश्विक स्तर पर आने वाले महीनों में अमेरिका के साथ शुल्क समझौता और यूक्रेन युद्ध में शांति की दिशा में प्रगति भारतीय बाजारों को सबसे अधिक प्रभावित करने वाले कारक हो सकते हैं। विदेशी निवेश प्रवाह को लेकर उनकी अपेक्षा कम से मध्यम स्तर की बनी हुई है।


अगले 1 साल में पसंदीदा क्षेत्र/शेयर

तेजी वाले क्षेत्र : ऑटो एवं इसके सहायक उद्योग, वित्तीय सेवाएँ और धातु

कमजोर क्षेत्र : एफएमसीजी और प्रौद्योगिकी

5 पसंदीदा शेयर : रिलायंस, एलऐंडटी, मारुति, सोना और एसबीआई

(शेयर मंथन, 21 जनवरी 2026)

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