शेयर मंथन में खोजें

वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही बजाज ऑटो का मुनाफा 11% बढ़ा

ऑटोमोबाइल कंपनी बजाज ऑटो ने स्टैंडअलोन आधार पर 1100 करोड़ रुपये मुनाफे के अनुमान के मुकाबले 1173 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया है।

 कंपनी का मुनाफा स्टैंडअलोन आधार पर मुनाफा 1061 करोड़ रुपये से बढ़कर 1173 करोड़ रुपये रहा। मुनाफे में यह बढ़ोतरी करीब 11% रहा। वहीं स्टैंडअलोन आय 7600 करोड़ रुपये के अनुमान के मुकाबले 8005 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। पिछले साल इसी अवधि में आय 7386 करोड़ रुपये थी। स्टैंडअलोन आय में 8.4% की सालाना बढ़ोतरी देखने को मिली। कंपनी का कामकाजी मुनाफा यानी EBITDA 1120 करोड़ रुपये से बढ़कर 1297 करोड़ रुपये दर्ज हुआ। सालाना आधार पर कामकाजी मुनाफे में 16% की बढ़ोतरी देखने को मिली। वहीं कंपनी के मार्जिन में मामूली बढ़त देखने को मिली। मार्जिन 15.2% से बढ़कर 16.2% दर्ज हुआ। एक्सचेंज को दी गई जानकारी में कंपनी ने बताया कि वित्त वर्ष 23 की पहली तिमाही में वॉल्यूम में 7 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। यह पिछले साल के 10.06 लाख इकाई के मुकाबले 9.3 लाख इकाई रहा। कंपनी की आय में सेमीकंडक्टर की कमी का असर साफ तौर पर दिखा। हालाकि तिमाही के आखिरी दिनों में आपूर्ति के नए साधनों से सेमीकंडक्टर की कमी कुछ हद तक दूर हुई। कंपनी ने पिछले साल के मुकाबले घरेलू बाजार में 3.5 लाख इकाई के मुकाबले 3.52 लाख इकाई गाड़ी ही बेच पाई। यह आंकड़ा पिछले साल की तुलना में 1 फीसदी कम है। साथ ही पिछले साल के मुकाबले गाड़ियों के निर्यात में भी 10 फीसदी की गिरावट देखी गई है। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 6.48 लाख गाड़ियों का निर्यात किया था जबकि इस साल केवल 5.8 लाख गाड़ियां ही निर्यात कर पाई है। एनएसई (NSE) पर कंपनी का शेयर 2.22% जबकि बीएसई (BSE) पर 2.34% गिर कर बंद हुआ।

(शेयर मंथन 26 जुलाई, 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख