शेयर मंथन में खोजें

2023 में अमेरिकी कारोबार पर रहेगा दबाव, ग्रोथ इकाई अंक में संभव

दवा कंपनी ग्लेनमार्क का मानना है कि वित्त वर्ष 2023 में अमेरिकी कारोबार की ग्रोथ या तो सपाट रहेगी या फिर इकाई अंक में निचले स्तर पर रहेगी।

 कंपनी यह उम्मीद दवा कीमतों में गिरावट और अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यूएसएफडीए की ओर से दवा की मंजूरी को लेकर चुनौतियों के बीच लगाई गई है। पीटीआई के मुताबिक कंपनी का उत्तरी अमेरिका कारोबार जिसमें अमेरिका भी शामिल है कंपनी की आय वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में 787.8 करोड़ रुपए से घटकर 662.8 करोड़ रुपए के स्तर पर पहुंच गया है। यह पिछले साल के मुकाबले 15.9 फीसदी कम है। साथ हो कंपनी की कुल कंसोलिडेटेड बिक्री में इसकी हिस्सेदारी 23.9 फीसदी है। वित्त वर्ष 2023 की पहली तिमाही में ऑपरेशन से कंसोलिडेटेड आय 2,777.3 करोड़ रुपए जो कि पिछले साल इसी अवधि में यह 2,964.9 करोड़ रुपए थी। कंसोलिडेटेड आय में 6.3 फीसदी की गिरावट देखी गई। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के मुताबिक अमेरिका में वित्त वर्ष 2023 में ग्रोथ सपाट या इकाई आंकड़े में निचले स्तर पर रह सकती है। अमेरिकी कारोबार में अभी कई चुनौतियां हैं। बिक्री में गिरावट देखी गई है। वैश्विक स्तर पर सप्लाई चेन की दिक्कतों के कारण बिक्री में कमी आई है। कंपनी धीरे-धीरे रिकवर कर रही है। साथ ही अमेरिकी बाजार में कीमतों में भी कमी देखने को मिली है। इसके अलावा अमेरिकी ड्रग रेगुलेटर यानी यूएसएफडीए से दवा की मंजूरी को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। इन सभी चुनौतियों से पहली तिमाही में कारोबार पर असर देखने को मिला है। हालाकि ओ ग्रैडी ने कहा कि वित्त वर्ष के बाकी बचे समय के लिए देखें तो हमारे पास 10-13 दवाओं की मंजूरी है। इन दवाओं को मौजूदा साल में अमेरिका में उतारने का कंपनी प्रयास करेगी। बिक्री में भी रिकवरी देखने को मिल रही है। जहां तक आउटलुक का सवाल है तो दूसरी तिमाही अमेरिकी बाजार के लिए बेहतर होगा। इन नए उत्पादों के अलावा कंपनी पहली तिमाही में दो उत्पादों को बाजार में उतार चुकी है। कंपनी के पास मौजूदा वित्त वर्ष में 10 नए उत्पादों को बाजार में उतारने का मौका है। इन उत्पादों के सहारे तीसरी और चौथी तिमाही और बेहतर होने की उम्मीद है।

(शेयर मंथन 29 अगस्त, 2022)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख