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REC को मिला 'महारत्न' का दर्जा

देश में सरकारी महारत्न कंपनियों की सूची और लंबी हो गई है। अब इस सूची में सरकारी कंपनी आरईसी (REC) यानी रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन का नाम भी जुड़ गया है।

 किसी भी सरकारी कंपनी के लिए ये सबसे बड़ा दर्जा है। आरईसी देश की 12वीं महारत्न कंपनी बनी है। REC कंपनी को 'महारत्न' का दर्जा मिलने से ज्यादा ऑपरेशनल और वित्तीय स्वायत्तता मिल जाएगी। इस मामले में डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज की ओर से जारी किया गया है। यह विभाग वित्त मंत्रालय के तहत काम करता है। आरईसी का गठन 1969 में किया गया था। इसका गठन एक नॉन बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी के तौर पर किया गया था। महारत्न का दर्जा मिलने से कंपनी के बोर्ड को वित्तीय फैसले लेने के लिए पहले से अधिक शक्ति होगी। महारत्न का दर्जा हासिल की हुई कंपनियां संयुक्त उपक्रम और सब्सिडियरी के लिए इक्विटी निवेश कर सकती है। कंपनी देश के अलावा विदेश में भी मर्जर और अधिग्रहण के फैसले ले सकती है। कंपनी नेटवर्थ के 15 फीसदी तक के वित्तीय फैसले लेने में सक्षम होगी। कंपनी किसी एक प्रोजेक्ट में 5000 करोड़ रुपये तक का निवेश करने के लिए स्वतंत्र होगी। पहले ये सीमा 1000 करोड़ रुपये थी। साथ ही कंपनी कर्मचारियों और मानव संसाधन प्रबंधन, प्रशिक्षण से जुड़े संरचना को लागू कर पाएगी। इसके अलावा कंपनी तकनीकी स्तर पर संयुक्त उपक्रम और दूसरी रणनीतिक साझेदारी भी कर पाएगी। आरईसी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक विवेक कुमार देवांगण ने कहा कि कंपनी ने महारत्न का यह दर्जा कोरोना काल में भी लगातार बेहतर प्रदर्शन के कारण हासिल किया है। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी ने अब तक का सबसे ज्यादा 10,046 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। साथ ही कंपनी का नेटवर्थ 50,986 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। कंपनी ने यह मुकाम असरदार लागत संसाधन प्रबंधन और मजबूत वित्तीय पॉलिसी के कारण संभव हो सका है। आरईसी ने सरकार के फ्लैगशिप योजना डीडीयूजीजेवाई ( DDUGJY) और सौभाग्य (SAUBHAGYA) योजना को लागू करने में अहम भूमिका निभाई है। इस योजना के कारण गांवों और घरों के बिजलीकरण का काम पूरा हो सका है। फिलहाल आरईसी आरडीएसएस (RDSS) यानी रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम के नोडल एजेंसी के तौर पर काम कर रही है। इस योजना का मकसद डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर के वित्तीय और ऑपरेशन मामलों में सुधार लाना है।

 

(शेयर मंथन, 22 सितंबर 2022)

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