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हिन्दुस्तान जिंक बोर्ड ने चौथे अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी

वेदांता ग्रुप की कंपनी हिन्दुस्तान जिंक के बोर्ड ने चौथे अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2023 के लिए 26 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। यह रकम करीब 1300 फीसदी है।जहां तक रकम का सवाल है तो यह करीब 10,985.83 करोड़ रुपये है।

उदयपुर आधारित हिन्दुस्तान जिंक ने मौजूदा वित्त वर्ष में शेयरधारकों को रिकॉर्ड 32,000 करोड़ रुपये के डिविडेंड का भुगतान किया है। इस लिहाज से कंपनी देश के उन टॉप कंपनियों में शामिल हो गई है जिन्होंने अपने शेयरधारकों को अच्छा डिविडेंड का भुगतान किया है। कंपनी की मंगलवार यानी 21 मार्च को हुई बैठक में 26 रुपये प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। 2 रुपये के फेस वैल्यू के हिसाब से यह 1300 फीसदी है। कंपनी शेयरधारकों को नियम के मुताबिक तय समय में डिविडेंड का भुगतान करेगी। हिन्दुस्तान जिंक में वेदांता की 64.92 फीसदी हिस्सेदारी है। इसके अलावा कंपनी बाकी बची हिस्सेदारी को खरीदने का भी प्रयास कर रही है। यह जिंक, लेड और चांदी का देश में उत्पादन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी है। कंपनी राजस्थान के उदयपुर में विश्व के सबसे बड़े अंडरग्राउंड माइन्स का संचालन करती है। आपको बता दें कि हिन्दुस्तान जिंक में 29.54 फीसदी रखने वाली सरकार ने हाल में हिन्दुस्तान जिंक के वेदांता से जिंक संपत्ति 298 करोड़ डॉलर में खरीदने के प्रस्ताव का विरोध किया है। कंपनी को इस मामले में खनन मंत्रालय से 17 फरवरी को चिट्ठी मिली थी।

(शेयर मंथन, 21 मार्च, 2023)

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