शेयर मंथन में खोजें

प्रीमियम एमपीवी (MPV) सेगमेंट में मारुति सुजुकी ने इनविक्टो को बाजार में उतारा

ऑटो सेक्टर की दिग्गज कंपनी और भारत की सबसे बड़ी कार मैन्युफैक्चर करने वाली कंपनी मारुति सुजुकी ने प्रीमियम एमपीवी (MPV) सेगमेंट में प्रवेश की है। कंपनी ने 'INVICTO' को बाजार में उतारा है। इस मल्टी परपस व्हीकल यानी एमपीवी इनविक्टो की शुरुआती कीमत 24.79 लाख रुपये है।

 कंपनी ने इनविक्टो को 3 अलग-अलग मॉडल्स में बाजार में उतारा है। कंपनी की ओर से ग्राहकों के लिए भारतीय बाजार में यह अब तक का सबसे महंगी कार है। आपको बता दें कि इनविक्टो टोयोटा इनोवा हाइक्रॉस में बदलाव कर भारतीय बाजार के लिए उतारा गया है। इसकी बुकिंग पहले ही 25000 रुपये के टोकन रकम के साथ खुली हुई है। कंपनी को मध्य जून से अबतक 6200 इनविक्टो की बुकिंग हो चुकी है। आप इसे कंपनी के आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर बुक कर सकते हैं या आप नजदीकी नेक्सा (NEXA) डीलरशिप में जाकर भी बुकिंग कर सकते हैं। कंपनी ने जेटा प्लस अल्फा प्लस मॉडल में इनविक्टो को बाजार में उतारा है। इनविक्टो की एक्स शोरुम कीमत 24.79 लाख रुपये से 28.42 लाख रुपये तक है। यह कार कंपनी की सबसे ज्यादा सुविधाओं से लैस कार है। इसमें 6 एयरबैग्स की सुविधा है। टच स्क्रीन के साथ सनरुफ भी है। मारुति सुजुकी का शेयर एनएसई (NSE) पर पहली बार 10000 रुपये के ऊपर का स्तर छुआ है। कंपनी का शेयर 3.55% चढ़ कर 9,990.10 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ है।

(शेयर मंथन, 05 जुलाई,2023)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख