शेयर मंथन में खोजें

भेल को 7000 करोड़ रुपये के 2 बड़े ऑर्डर मिले

सरकारी कंपनी भेल (BHEL) यानी भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड को 2 बड़े ऑर्डर मिले हैं। कंपनी को यह ऑर्डर अदाणी पावर लिमिटेड से मिला है। यह ऑर्डर छत्तीसगढ़थर्मल पावर प्लांट के लिए मिला है।

 एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक 5 जून को भेल को अदाणी पावर लिमिटेड से 3500 करोड़ रुपये से ज्यादा का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर 2*800 यानी 1600 मेगा वाट के थर्मल पावर प्लांट के लिए मिला है। इस प्लांट को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में लगाई जानी है। इस ऑर्डर के तहत उपकरणों की आपूर्ती जिसमें ब्यालर्स भी शामिल है। साथ ही टर्बाइन्स, जनरेटर्स और सहायक उपकरणों की करनी है। इस इकाई का निर्माण सुपरक्रिटिकल तकनीक से कराई जानी है। साथ ही पावर प्रोजेक्ट को खड़ा करने से लेकर शुरु करन् की जिम्मेदारी भेल के ऊपर है। ब्यालर्स और टर्बाइन जनरेटर्स का उत्पादन कंपनी के त्रिची और हरिद्वार इकाई में किया जाएगा। प्रोजेक्ट की पहली इकाई को 35 महीने में पूरा करना होगा, वहीं दूसरी इकाई को 41 महीने में पूरा करना होगा।

इसके अलावा कंपनी को दूसरा ऑर्डर मिर्जापुर थर्मल एनर्जी (उत्तरप्रदेश) प्राइवेट लिमिटेड से मिला है। इसके तहत कंपनी को 800 मेगा वाट के दो इकाई यानी 2x800 MW की इकाई लगानी है। मिर्जापुर फेज-1 में यह पावर प्रोजेक्ट लगाना है। इस ऑर्डर की रकम 3500 करोड़ रुपये है। चौथी तिमाही में कंपनी के मुनाफे में 25.6% की गिरावट देखने को मिली है। कंपनी का मुनाफा 658 करोड़ रुपये से घटकर 489.6 करोड़ रुपये रहा है। वहीं कंपनी की आय में 0.4% की मामूली बढ़त देखने को मिली है और यह 8227 करोड़ रुपये से बढ़कर 8260.3 करोड़ रुपये रही है। वहीं कामकाजी मुनाफा में 30.6% की गिरावट रही है और यह 1049 करोड़ रुपये से घटकर 727.9 करोड़ रुपये रह गई है। वहीं मार्जिन 12.8% से घटकर 8.8% रह गई है।

(शेयर मंथन, 08 जून, 2024)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख