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कंपनियों की सुर्खियाँ

बजाज फिनसर्व का पहली तिमाही में मुनाफा 48.4% बढ़ा

बजाज फिनसर्व ने वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 48.4% बढ़ा है। मुनाफा 1310 करोड़ रुपये से बढ़कर 1940 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी की आय में 47% की बढ़ोतरी हुई है और यह 15888 करोड़ रुपये से बढ़कर 23,280 करोड़ रुपये हो गई है।

नेस्ले का पहली तिमाही में मुनाफा 37% बढ़ा

एफएमसीजी (FMCG) की दिग्गज कंपनी नेस्ले ने वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 37% बढ़ा है। मुनाफा 515 करोड़ रुपये से बढ़कर 698 करोड़ रुपये हो गया
है।

वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में एशियन पेंट्स का मुनाफा 52.5% बढ़ा

पहली तिमाही में एशियन पेंट्स के मुनाफे में 52.5% की बढ़ोतरी एशियन पेंट्स के मुनाफे में 52.5% की बढ़ोतरी देखने को मिली है। पहली तिमाही में एशियन पेंट्स का कंसोलिडेटेड मुनाफा 1036 करोड़ रुपये से
बढ़कर 1550 करोड़ रुपये दर्ज हुआ है।

पहली तिमाही में सिप्ला के मुनाफे में 45% की बढ़ोतरी

वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में सिप्ला ने जबरदस्त मुनाफा दर्ज किया है। कंपनी के मुनाफे में 45% की बढ़ोतरी देखने को मिली। कंपनी का कंसोलिडेटेड आधार पर मुनाफा 686 करोड़ से बढ़कर 996 करोड़ रुपये हो गया है।

पहली तिमाही में टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स का मुनाफा 22% बढ़ा

टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के पहली तिमाही में मुनाफा 22% बढ़ा है। कंसोलिडेटेड मुनाफा 277 करोड़ रुपये से बढ़कर 338 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं कंपनी की आय में 12% की बढ़त देखने को मिली है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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