शेयर मंथन में खोजें

कंपनियों की सुर्खियाँ

वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में ऐक्सिस बैंक का मुनाफा 40.5% बढ़ा

ऐक्सिस बैंक ने पहली तिमाही के नतीजे पेश किए हैं। ऐक्सिस बैंक के मुनाफे में करीब 40.5% की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का स्टैंडअलोन मुनाफा 4125.3 करोड़ रुपये से बढ़कर 5797.1 करोड़ रुपये हो गया है।स्टैंडअलोन आधार पर ब्याज से शुद्ध आय में 27.4% की बढ़ोतरी हुई है। ब्याज से शुद्ध आय 9384 करोड़ रुपये से बढ़कर 11958.8 करोड़ रुपये हो गया है।

वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही में घाटे से मुनाफे में लौटा टाटा मोटर्स

 टाटा मोटर्स ने वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। पिछले साल के 4987 करोड़ रुपये घाटे के मुकाबले पहली तिमाही में कंपनी ने 3090 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया है।

लार्सन ऐंड टूब्रो का पहली तिमाही में मुनाफा 46% बढ़ा

ईपीसी (EPC) की दिग्गज कंपनी लार्सन ऐंड टूब्रो ने वित्त वर्ष 2024 की पहली तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 1703 करोड़ रुपये से बढ़कर 2493 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी के मुनाफे में 46% की बढ़ोतरीदेखी गई है।

एलऐंडटी की सब्सिडियरी को 2500 करोड़ रुपये तक के ऑर्डर मिले

लार्सन ऐंड टूब्रो की सब्सिडियरी को बड़ा ऑर्डर मिला है। कंपनी को 1000 से 2500 करोड़ रुपये की रेंज में बड़ा ऑर्डर मिला है। लार्सन ऐंड टूब्रो कंस्ट्रक्शन को पावर ट्रांसमिशन और डिस्ट्रीब्यूशन के लिए ऑर्डर मिला है।

एसजेवीएन की सब्सिडियरी को सोलर पावर प्रोजेक्ट के लिए ऑर्डर मिला

एसजेवीएन (SJVN) की सब्सिडियरी ने पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन के साथ करार किया है। एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड ने यह करार 7000 करोड़ रुपये के लिए किया है। पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन से सब्सिडियरी को लेटर ऑफ इंटेट यानी (LoI) मिला है। यह करार 1200 मेगा वाट के सोलर पावर की खरीद के लिए किया गया है।

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख