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आईटीसी बोर्ड ने होटल कारोबार के डीमर्जर को सैद्धांतिक मंजूरी दी

 एफएमसीजी (FMCG) की दिग्गज कंपनी आईटीसी (ITC) ने कई महीनों से चल रही अटकलों पर विराम लगा दिया। आईटीसी बोर्ड ने होटल कारोबार को अलग करने के फैसले को मंजूरी दे दी है। कंपनी के इस फैसले का मकसद कंपनी के 30 लाख शेयरधारकों के लिए वैल्यु अनलॉकिंग करना है। आपको बता दें कि कंपनी का प्रदर्शन पिछले एक साल में निफ्टी के बाकी शेयरों के मुकाबले काफी बेहतर रहा है।

कंपनी के मुताबिक, होटल कारोबार को अलग करने के प्रस्ताव पर विचार करने के बाद इसे सैद्धांतिक तौर पर मंजूरी दे दी है। डीमर्जर के बाद बनी नई कंपनी में आईटीसी की हिस्सेदारी 40 फीसदी की होगी जबकि 60 फीसदी हिस्सेदारी शेयरधारकों की होगी। कंपनी के इस फैसले के बाद शेयर में भारी गिरावट देखने को मिली। बीएसई पर कंपनी का शेयर 4 फीसदी से ज्यादा गिर गया। डीमर्जर के बाद बनी नई कंपनी का नाम आईटीसी होटल लिमिटेड होगा। डीमर्जर प्रस्ताव को मंजूरी के लिए 14 अगस्त को बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। बोर्ड का मानना है कि पिछले कई सालों में कंपनी का होटल कारोबार परिपक्व हो गया है और यह खुद अपने दम पर प्रदर्शन के आधार पर पहचान बनाने में सक्षम है।
रीस्ट्रक्चरिंग योजना के तहत हॉस्पिटैलिटी कारोबार को बढ़ाने में कंपनी की दिलचस्पी जारी रहेगी। इसके लिए रणनीतिक मदद भी नई कंपनी को वृद्धि के लिए दी जाएगी। डीमर्जर के बाद नई कंपनी में नए निवेशकों के साथ रणनीतिक साझीदार भी आएंगे। आपको बता दें कि वित्त वर्ष 2023 में कंपनी की कुल आय में होटल कारोबार से आय 4% रही थी। कंपनी के पास फिलहाल 2700 करोड़ रुपये की आय के साथ 120 प्रॉपर्टीज के साथ 11,500 कमरे हैं। लिस्टेड होटल चेन में आईटीसी दूसरी सबसे बड़ी कंपनी है। 2020-23 के दौरान होटल कारोबार की सालाना वृद्धि 12% रही है। आईटीसी का शेयर बीएसई (BSE) पर 3.87% गिरकर 470.90
रुपये प्रति शेयर पर बंद हुआ।

 

(शेयर मंथन, 24 जुलाई,2023)

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