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वैश्विक अनिश्चितता से बढ़ रहे हैं सोने के दाम, गोल्डमैन सैक्स ने फिर संशोधित किया लक्ष्य

सोने के दाम में तेजी कम होने का नाम नहीं ले रही है। अगर सिर्फ अप्रैल की ही बात करें तो इस महीने के 15 दिनों में सोने ने 5 बार रिकॉर्ड स्तरों को छुआ है। सराफा बाजार भी कह रहा है कि सोने के अब तक के इतिहास में उन्होंने कीमतों में कभी इतनी तेजी नहीं देखी है।

एसबीआई ने घटायी एफडी की ब्याज दरें, जानें अब कितना मिलेगा ब्याज

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) ने सावधि जमा (फिक्स्ड डिपॉजिट- एफडी) पर मिलने वाली ब्याज दरों में कटौती की है। बैंक ने 3 करोड़ से कम वाली एफडी के लिए नयी ब्याज दरें जारी की हैं। नयी दरें 15 अप्रैल से लागू हो रही हैं। इसे बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर भी चेक किया जा सकता है।

इस साल जोर पकड़ने लगी किफायती घरों की बिक्री, लक्जरी आवास की माँग हो गयी कमजोर

नये साल में भारत के अचल संपत्ति (रियल एस्टेट) बाजार में नया रुझान दिख रहा है। कोविड महामारी के बाद पहली बार देश में ऐसा हुआ है, जब किफायती घरों की माँग तेज हो रही है और आलीशान मकानों की माँग नरम हो रही है। संपत्ति सलाहकार एनारॉक की एक ताजा रिपोर्ट में इस बदले रुझान के बारे में पता चला है।

फ्लैट मेंटेनेंस फीस पर 18% जीएसटी, क्या अब महँगे होंगे घर के खर्च?

किरोये के फ्लैट में रहने वाले लोगों को पहले ही मोटी रकम चुकानी पड़ती है। अब हाउसिंग सोसाइटी के मेंटेनेंस के लिए हर महीने 7500 रुपये से अधिक का भुगतान करने वालों की जेब और भी ढीली होने वाली है। इस मेंटेनेंस पर सरकार 18% जीएसटी लगाने जा रही है।

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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