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‘छोटी सिप, तरुण योजना और मित्र’ से बढ़ेगा वित्तीय समावेश, एम्फी ने की 3 पहलों की शुरुआत

म्यूचुअल फंडों के संगठन एम्फी ने निवेशकों के लिए तीन नयी पहलें शुरू की हैं। इनका उद्देश्य वित्तीय समावेश को बढ़ावा देना और सभी के लिए म्यूचुअल फंड निवेश को सुलभ बनाना है। ये पहलें हैं- छोटी सिप (सैशे ऑफ म्यूचुअल फंड्स), तरुण योजना और मित्र (म्यूचुअल फंड इनवेस्टमेंट ट्रेसिंग एंड रिट्रीवल असिस्टेंट)।

एसबीआई की जननिवेश योजना में मात्र 250 रुपये से कोई भी कर सकता है एसआईपी

कम आय वाले निवेशकों को म्यूचुअल फंड से जोड़ने के लिए एसबीआई म्यूचुअल फंड ने जननिवेश नाम से एसआईपी योजना लॉन्च की है। इस योजना में प्रतिमाह मात्र 250 रुपये का निवेश किया जा सकता है। बाजार नियामक सेबी ने 2022 में एक परामर्श पत्र में म्यूचुअल फंड कंपनियों को ये सुझाव दिया था। 

आईपीओ लाने की तैयारी कर रही फिनटेक कंपनी फोनपे, जल्द होगी सूचीबद्ध

दिग्गज फिनटेक कंपनी फोनपे जल्द ही अपने आरंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) लाने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है। डिजिटल भुगतान सुविधा प्रदान करने वाली इस कंपनी का स्वामित्व वॉलमार्ट के पास है। दिसंबर 2022 में ही कंपनी ने अपना मुख्यालय सिंगापुर से भारत में स्थानांतरित किया है और इसी साल कंपनी के 10 साल भी पूरो हो रहे हैं। 

सीडीएसएल और एनएसडीएल के इस कदम से निवेशकों को एक ही जगह पर मिलेगी पोर्टफोलियाे की सभी जानकारी

निवेशकों के हितों को ध्यान में रखते हुए बाजार नियामक सेबी ने एक और कदम उठाया है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिडेट (एनएसडीएल) और सेंट्रल डिपॉजिटरी सर्विसेज लिमिडेट (सीडीएसएल) के साथ मिलकर एक एकीकृत निवेशक मंच (यूनिफाइड इन्वेस्टर प्लेटफॉर्म) लॉन्च किया है, जिससे निवेशकों को पोर्टफोलियो प्रबंधन में और सहूलियत मिलेगी। 

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निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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