सोने की कीमतों में हालिया तेजी के बाद अब प्रॉफिट बुकिंग के संकेत दिखाई देने लगे हैं।
बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार का कहना है कि सोने में एक अच्छी तेजी देखने को मिली और कीमतें पहले बताए गए महत्वपूर्ण स्तरों के आसपास तक पहुंचीं। अब सवाल यह है कि क्या यह तेजी आगे भी जारी रहेगी या आने वाले समय में सोना कुछ समय के लिए एक सीमित दायरे में कारोबार करेगा।
विश्लेषक के मुताबिक, सोने में हाल की तेजी के बाद बनी कैंडल प्रॉफिट बुकिंग का संकेत दे रही है। ऐसी स्थिति में कीमतें अपने हालिया ट्रेंड को दोबारा टेस्ट कर सकती हैं। मौजूदा तकनीकी संरचना को देखते हुए करीब 4,300 डॉलर के आसपास के स्तर की दोबारा टेस्टिंग की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसका मतलब है कि आने वाले समय में सोने में तेज एकतरफा तेजी के बजाय उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
उनके अनुसार, फिलहाल सोने को लगभग 4,300 से 4,750 डॉलर की रेंज में मानकर चलना बेहतर होगा। इस दायरे में कुछ समय तक कारोबार होने के बाद ही सोना अपनी अगली बड़ी दिशा तय कर सकता है। हालांकि, अगर सोने की कीमत 4,800 डॉलर के ऊपर मजबूती से जाती है, तो यह एक महत्वपूर्ण ब्रेकआउट माना जाएगा और इसके बाद सोने में बड़ी तेजी की नई कहानी शुरू हो सकती है।
सोने की दिशा को समझने में अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों की भी अहम भूमिका है। खास तौर पर कच्चे तेल की कीमतें और डॉलर का रुख सोने पर असर डाल सकते हैं। जब भू-राजनीतिक तनाव बढ़ता है और निवेशक सुरक्षित परिसंपत्तियों की ओर रुख करते हैं, तो सोने की मांग बढ़ सकती है। लेकिन अगर कच्चे तेल की कीमतों में बहुत बड़ी तेजी आती है, तो निवेशकों का पैसा कमोडिटी मार्केट में दूसरी दिशा में भी जा सकता है।
फिलहाल स्थिति ऐसी है कि न तो कच्चा तेल बहुत नीचे है और न ही 100 डॉलर से ऊपर की स्थिति में है। ऐसे में सोने के लिए एकतरफा बड़ा ट्रिगर नजर नहीं आ रहा है। यही वजह है कि आने वाले समय में सोने में बहुत बड़ी तेजी या बहुत बड़ी गिरावट के बजाय रेंज-बाउंड मूवमेंट देखने को मिल सकता है।
(शेयर मंथन, 01 सितंबर 2026)
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