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विकासोन्‍मुख बजट की उम्‍मीद में बाजार में जारी रह सकती है सकारात्‍मक तेजी : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक मंगलवार (25 जून) को निफ्टी लगातार ऊपर की ओर बढ़ते हुए 23754 के नये शिखर पर पहुँच गया। सूचकांक 183 अंकों की मजबूत बढ़त के साथ 23721 के स्‍तर पर बंद हुआ। 

पहली तिमाही के अच्‍छे नतीजों की उम्‍मीद से बाजार सकारात्‍मक : सिद्धार्थ खेमका, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (Motilal Oswal Financial Services Ltd) में रीटेल रिसर्च प्रमुख सिद्धार्थ खेमका के मुताबिक मंगलवार (02 जुलाई) को निफ्टी में 24200 के नये उच्‍च स्‍तर को छूने के बाद मुनाफावसूली आयी और ये 18 अंकों की मामूली गिरावट के साथ 24124 के स्‍तर पर बंद हुआ। 

बाजार में तूफानी तेजी, सेंसेक्स, निफ्टी और बैंक निफ्टी ने बनाया नया रिकॉर्ड

वैश्विक बाजारों से स्थिर संकेत देखने को मिले। अमेरिकी बाजार में एक और मिलाजुला कारोबारी सेशन देखने को मिला। डाओ जोंस पर लगातार पांचवे दिन तेजी रही। डाओ जोंस 260 अंक उछलकर 1 महीने की ऊंचाई पर बंद हुआ।

बड़े स्‍तर पर बाजार का ढाँचा दिशाहीन, स्‍तर आधारित सौदे लें कारोबारी : श्रीकांत चौहान, कोटक सिक्योरिटीज

कोटक सिक्योरिटीज (Kotak Securities) में इक्विटी रिसर्च के प्रमुख श्रीकांत चौहान के मुताबिक सोमवार (24 जून) को बेंचमार्क सूचकांक में सकारात्‍मक तेजी देखने को मिली। निफ्टी 37 अंक, जबकि सेंसेक्‍स 131 अंकों की बढ़त के साथ बंद हुए। 

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  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

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