शेयर मंथन में खोजें

शेयरों पर नजर (Stock to Watch) : आईटीसी, कैर्न इंडिया, बायोकॉन, रेमंड, वीडियोकॉन और सैटिन क्रेडिटकेयर

आज खबरों के कारण जो शेयर नजर में उनमें आईटीसी, कैर्न इंडिया, बायोकॉन, रेमंड, वीडियोकॉन और सैटिन क्रेडिटकेयर शामिल हैं।

आईटीसी : आईटीसी के तिमाही लाभ में 10.1% और आय में 8.3% की बढ़त हुई है।
कैर्न इंडिया : कंपनी को चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 359.55 करोड़ रुपये का लाभ हुआ है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में कंपनी 564 करोड़ रुपये के घाटे में रही थी।
बायोकॉन : सालाना आधार पर कंपनी के अप्रैल-जून तिमाही लाभ में 34.5% और आमदनी में 20.7% की बढ़त हुई है।
सिनजीन : सिनजीन को अप्रैल-जून तिमाही में 28.3% की बढ़त के साथ 59.8 करोड रुपये का लाभ हुआ है।
रेमंड : रेमंड का घाटा 14.5 करोड़ रुपये से बढ़ कर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 16.6 करोड़ रुपये रहा।
भारत फाइनेंशियल : भारत फाइनेंशियल का लाभ 61.2 करोड़ रुपये से बढ़ कर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 235.9 करोड़ रुपये रहा।
मोतिलाल ओसवाल : मोतिलाल ओसवाल के लाभ में 67.8% की बढ़त हुई है। कंपनी का लाभ 47.2 करोड रुपये से बढ़ कर 79.2 करोड़ रुपये रहा।
वीडियोकॉन : कंपनी को पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में हुए 10.5 करोड़ रुपये के मुकाबले चालू वित्त वर्ष की समान अवधि में 189.6 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है।
सैटिन क्रेडिटकेयर : खबरों के अनुसार कंपनी क्यूआईपी द्वारा 200 करोड़ रुपये जुटायेगी।
एसकेएफ इंडिया : कंपनी को एसकेएफ एशिया पेसिफिक के साथ लेनदेन के लिए शेयरधारकों की मंजूरी मिल गयी है। (शेयर मंथन, 22 जुलाई 2016)

Add comment

कंपनियों की सुर्खियाँ

निवेश मंथन पत्रिका

  • नये ट्रंप टैरिफ का भारत पर कैसा असर - निवेश मंथन (जनवरी 2026)

    अभी-अभी फरवरी के आरंभ में भारत-अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा (फ्रेमवर्क) पर सहमति बनी ही थी, और लगा था कि साल भर की अनिश्चितता पर विराम लगने वाला है। पर अब अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय ने ट्रंप टैरिफ को रद्द कर दिया है और ट्रंप ने इसकी काट निकालते हुए एक नया टैरिफ घोषित कर दिया है।  

  • बाजार सर्वेक्षण : घरेलू मजबूती पर भरोसा - निवेश मंथन (दिसंबर 2025)

    हमारे शेयर बाजार में वर्ष 2025 को एक दुःस्वप्न की तरह समझा जा रहा है। हालाँकि एक राय यह भी है कि 2025 को बाजार के लिए खराब मानना धारणा अधिक है, तथ्य कम। फिर भी, बाजार में अधिकांश लोग चाह रहे हैं या मान रहे हैं कि 2026 में बाजार का हाल 2025 से अच्छा ही रहना चाहिए। 

देश मंथन के आलेख