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एक्सपर्ट से जानिए आयन एक्सचेंज (इंडिया) और EMS शेयर, किसमें है दम, किससे रखें दूरी?

आयन एक्सचेंज (इंडिया) लिमिटेड और EMS में निवेश को लेकर निवेशकों की दिलचस्पी लगातार बढ़ रही है, खासकर पानी के ट्रीटमेंट और सीवेज मैनेजमेंट जैसे सेगमेंट्स में। 

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार कहते है कि आयन एक्सचेंज जैसी कंपनियां भविष्य में काफी अहम भूमिका निभा सकती हैं, क्योंकि क्लीन वॉटर और वेस्ट मैनेजमेंट की मांग तेजी से बढ़ रही है। हालांकि, मौजूदा समय में Ion Exchange का वैल्यूएशन करीब 25–26 गुना के आसपास पहुंच चुका है, जो थोड़ा महँगा माना जा सकता है। स्टॉक ने पहले ही अच्छा मूव दिखाया है और हाल के स्तर से इसमें कुछ करेक्शन भी देखा गया है। कंपनी की सेल्स ग्रोथ सालाना आधार पर 15–16% के आसपास बनी हुई है, जो एक स्वस्थ संकेत है, जबकि कर्ज भी लगभग नगण्य है। इसके बावजूद, बाजार में अस्थिरता (वोलैटिलिटी) के चलते फिलहाल जल्दबाजी में निवेश करने से बचने की सलाह दी जा रही है।

दूसरी ओर, EMS Ltd पर अपेक्षाकृत कम ट्रैकिंग देखने को मिलती है, लेकिन यह भी उसी सेक्टर में काम करती है, जहां भविष्य की संभावनाएं मजबूत मानी जाती हैं। फिर भी, यह एक स्मॉल-कैप कंपनी है और मौजूदा बाजार हालात में छोटी कंपनियों में निवेश जोखिम भरा हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि 1000 से 2000 करोड़ रुपये की मार्केट कैप वाली कंपनियों में फिलहाल निवेश करने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें लिक्विडिटी और इंपैक्ट कॉस्ट का जोखिम ज्यादा रहता है।

मौजूदा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है, जहां अच्छी कंपनियों के भी प्राइस अस्थिर हो रहे हैं। ऐसे में निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे थोड़ी और स्पष्टता आने तक इंतजार करें और फिलहाल बड़ी और स्थिर कंपनियों पर ही ध्यान केंद्रित करें।

 

(शेयर मंथन, 01 अप्रैल 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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