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निफ्टी के लिए 22,500 अहम सपोर्ट, इसके नीचे गिरावट तेज संभव या नहीं?

बीते सप्ताह बाजार में बड़ी गिरावट तो नहीं आई, लेकिन निवेशकों का सेंटीमेंट काफी कमजोर हो गया है। माहौल ऐसा बन गया है कि भरोसा और उत्साह दोनों ही कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं।

बाजार विश्लेषक शोमेश कुमार कहते है कि पहले यह उम्मीद बन रही थी कि बाजार ने अपना बॉटम बना लिया है, लेकिन अब वह धारणा फिर से सवालों के घेरे में आ गई है। नए हफ्ते में, भले ही ट्रेडिंग के दिन कम हों, लेकिन मंथली एक्सपायरी और वैश्विक अनिश्चितताएं बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगी।तकनीकी नजरिए से देखें तो निफ्टी में एक छोटी उम्मीद जरूर दिखाई दे रही है। 23 मार्च को बने निचले स्तर के आसपास बाजार सपोर्ट लेने की कोशिश कर रहा है। लेकिन इसके लिए जरूरी है कि निफ्टी कम से कम 23,450 के ऊपर क्लोज दे और साथ ही बैंक निफ्टी 54,200 के स्तर के ऊपर टिके।

अगर ये दोनों शर्तें पूरी होती हैं, तो शॉर्ट कवरिंग के चलते बाजार में थोड़ी तेजी आ सकती है। हालांकि, यह तेजी फिलहाल शॉर्ट टर्म तक ही सीमित रहने की संभावना है।आगे आने वाले समय में एक और बड़ा जोखिम कॉरपोरेट नतीजों का है। 10 अप्रैल के बाद बड़ी कंपनियों के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजे आने शुरू होंगे। पहले उम्मीद थी कि Q3 के अच्छे प्रदर्शन के बाद Q4 और बेहतर रहेगा, लेकिन मौजूदा वैश्विक हालात ने इस उम्मीद को कमजोर कर दिया है। आशंका है कि कंपनियां अपने प्रदर्शन को लेकर सतर्क या नकारात्मक टिप्पणी कर सकती हैं, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ सकता है।

बाजार इस समय एक संवेदनशील मोड़ पर खड़ा है, जहां तकनीकी स्तर, वैश्विक घटनाक्रम और कॉरपोरेट नतीजे, तीनों मिलकर दिशा तय करेंगे। निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहने और प्रमुख स्तरों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है, क्योंकि आने वाले कुछ हफ्ते बाजार के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।

 



(शेयर मंथन, 30 मार्च 2026) (आप किसी भी शेयर, म्यूचुअल फंड, कमोडिटी आदि के बारे में जानकारों की सलाह पाना चाहते हैं, तो सवाल भेजने का तरीका बहुत आसान है! बस, हमारे व्हाट्सऐप्प नंबर +911147529834 पर अपने नाम और शहर के नाम के साथ अपना सवाल भेज दें।)

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